सीजी भास्कर, 30 सितंबर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने राज्यों के 54 प्राइवेट विश्वविद्यालयों को डिफाल्टर (UGC Defaulter Universities) घोषित किया है। अधिकारियों के अनुसार यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 13 के तहत अनिवार्य जानकारी पेश नहीं करने और अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक जानकारी नहीं देने के कारण विश्वविद्यालयों पर यह कार्रवाई की गई है।
मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 10 विश्वविद्यालयों को डिफाल्टर (UGC Defaulter Universities) घोषित किया गया है। गुजरात में आठ, सिक्किम में पांच और उत्तराखंड में चार ऐसे विश्वविद्यालय हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में तीन विश्वविद्यालय सूची में शामिल हैं। यूजीसी ने डिफाल्टर (UGC Defaulter Universities) या चूककर्ता विश्वविद्यालयों की सूची जारी की तथा उन्हें तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की चेतावनी दी।
ई-मेल और आनलाइन बैठकों के माध्यम से कई रिमाइंडर का हवाला देते हुए, यूजीसी ने कहा कि विश्वविद्यालयों को निरीक्षण के लिए विस्तृत जानकारी पेश करने का निर्देश दिया गया था। साथ ही रजिस्ट्रार द्वारा सही ढंग से प्रमाणित सहायक दस्तावेज भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। इस निर्देश (UGC Defaulter Universities) के बावजूद कई विश्वविद्यालयों ने अनुपालन नहीं किया।
यूजीसी सचिव मनीष जोशी ने कहा, उन्हें भरे हुए प्रारूप और परिशिष्टों को होम पेज पर लिंक देकर अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया ताकि जानकारी छात्रों और आम जनता के लिए सुलभ हो सके। इसके बाद ई-मेल और आनलाइन बैठकों के माध्यम से कई रिमाइंडर भेजे गए।
दिशानिर्देशों के अनुसार, उच्च शिक्षा संस्थानों को हितधारकों को जानकारी प्रदान करने के लिए कार्यात्मक वेबसाइट बनाए रखनी होगी। जो संस्थान इस मानक का पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें डिफाल्टर (UGC Defaulter Universities) की श्रेणी में डालकर चेतावनी दी गई है कि यदि तुरंत सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


