सीजी भास्कर, 15 मार्च। रायपुर के भाठागांव इलाके में अवैध प्लॉटिंग का मामला एक बार फिर सुर्खियों (Unauthorized Colony Development) में आ गया है। हाल ही में एक कथित अवैध कॉलोनी पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब उसी क्षेत्र की दूसरी जमीन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कार्रवाई के बाद भी भाठागांव में बिना वैधानिक अनुमति प्लॉटिंग की गतिविधियां थमी नहीं हैं।
कुछ दिन पहले भाठागांव क्षेत्र में 6 से 7 एकड़ जमीन पर बिना अनुमति कॉलोनी विकसित किए जाने की शिकायत के बाद प्रशासन और नगर निगम की टीम ने कार्रवाई की थी। शिकायत में हल्का नंबर 105/60 के अंतर्गत आने वाले कई खसरों का उल्लेख किया गया था, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की गई। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में अवैध कॉलोनी विकास के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया था।
अब ताजा मामला खसरा नंबर 1360/1 से जुड़ी जमीन को लेकर सामने (Unauthorized Colony Development) आया है। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह लगभग 1.0160 हेक्टेयर भूमि अमित अग्रवाल, पिता स्वर्गीय राधेश्याम अग्रवाल, के नाम दर्ज बताई जा रही है। स्थानीय चर्चाओं में यह दावा भी किया जा रहा है कि इस जमीन पर कथित तौर पर प्लॉटिंग की गतिविधियां चल रही हैं। साथ ही, स्थानीय स्तर पर लखन सोनकर का नाम भी इस मामले में चर्चा में है, जिन्हें पार्षद रवि सोनकर का भाई बताया जा रहा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई या स्पष्ट दस्तावेजी बयान के बाद ही मानी जाएगी।
मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा है क्योंकि हाल में एक कार्रवाई होने के बावजूद उसी इलाके में फिर ऐसे आरोप सामने आना प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर रहा है। यदि बिना वैधानिक स्वीकृति के जमीन को प्लॉट के रूप में विकसित किया (Unauthorized Colony Development) जा रहा है, तो यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि शहरी विस्तार की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल है। स्थानीय लोगों के बीच अब यह चर्चा है कि एक ही क्षेत्र में लगातार ऐसे मामले सामने आना किसी बड़े नेटवर्क या ढीले नियंत्रण की ओर इशारा करता है।
ताजा जानकारी के अनुसार जिला कलेक्टर ने भी मौके का निरीक्षण किया है और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब नजर इस बात पर है कि इस मामले में राजस्व विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन आगे क्या कदम उठाते हैं। भाठागांव में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने साफ कर दिया है कि अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा अभी थमा नहीं है और आने वाले दिनों में इस पर प्रशासनिक सख्ती की असली तस्वीर सामने आ सकती है।





