सीजी भास्कर 1 फरवरी Union Budget 2026 Reaction : केंद्रीय बजट 2026 पर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इस दस्तावेज़ से आम जनता को कोई ठोस राहत नहीं मिली। उनका दावा है कि बजट की दिशा और प्राथमिकताएं ज़मीन की ज़रूरतों से कटी हुई नज़र आती हैं।
“प्रतिगामी असर साफ दिख रहा है”
मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि बजट का असर सकारात्मक नहीं बल्कि प्रतिगामी दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक न कृषि को मजबूती मिली, न उद्योगों को नई ऊर्जा और न ही रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस रोडमैप दिखा। यही कारण है कि निवेशकों का भरोसा भी डगमगाया।
Union Budget 2026 Reaction और शेयर बाजार की गिरावट
पूर्व मुख्यमंत्री ने बाजार की चाल का ज़िक्र करते हुए कहा कि बजट के बाद शेयर बाजार का फिसलना केवल संयोग नहीं है। उनका तर्क है कि जब नीतियों में स्पष्टता और भरोसा नहीं होता, तो उसका असर सीधे बाजार पर पड़ता है। इसी वजह से “सब कुछ धराशाई” होने की तस्वीर सामने आई।
मध्यम वर्ग को राहत क्यों नहीं?
भूपेश बघेल ने इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव न होने को भी निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में मिडिल क्लास को किसी तरह की राहत नहीं दी गई। बजट में रोज़मर्रा के खर्च को हल्का करने के उपाय नदारद रहे, जिससे आम परिवारों की चिंता बढ़ी है।
Union Budget 2026 Reaction और शराब-नीति पर सवाल
उन्होंने कहा कि शराब महंगी की गई, दुकानों की संख्या बढ़ी और इसका सीधा असर अवैध कारोबार पर पड़ सकता है। बघेल का दावा है कि ऐसी नीतियां सामाजिक संतुलन को बिगाड़ती हैं और ज़मीनी हकीकत को और कठिन बनाती हैं।
धान खरीदी पर तीखा तंज
प्रदेश में धान खरीदी का मुद्दा उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को तय समय पर राहत नहीं मिल पाई। उनका आरोप है कि वादों के बावजूद किसान सड़कों पर उतरे रहे। उन्होंने इसे “डबल इंजन” की कार्यप्रणाली पर सवाल के तौर पर रखा।
Union Budget 2026 Reaction का राजनीतिक संदेश
कुल मिलाकर, भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया बजट को लेकर बढ़ते असंतोष को दर्शाती है। उनका कहना है कि जब न किसान संतुष्ट हों, न मजदूर और न ही मध्यम वर्ग, तब ऐसे बजट पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आने वाले दिनों में यह बहस और तेज होने के संकेत दे रही है।




