सीजी भास्कर, 12 दिसंबर। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद (UP Politics) को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इसका खुलासा 14 दिसंबर (रविवार) को हो जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर भूपेंद्र सिंह चौधरी का कार्यकाल समाप्त होते ही पार्टी नए चेहरे की तलाश में जुटी हुई है। हाई कमान, आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए किसी ऐसे नेता के कंधों पर भार सौंपना चाहता है जिनके पास राजनीति का अच्छा-खासा अनुभव हो।
किस स्थिति में करवाए जाएंगे चुनाव
आपको बता दें कि, शुक्रवार (12 दिसंबर) को नामांकन का अंतिम दिन है। वहीं, रविवार को इलेक्शन की तैयारी लगभग पूरी हो गई है। याद रहे, अगर एक से ज्यादा नामांकन दाखिल किए जाते हैं तो ही वोटिंग करवाई जाएगी।
इस चुमाव में कौन लेता है हिस्सा
प्रदेश अध्यक्ष (UP Politics) के इलेक्शन में प्रांतीय परिषद के सदस्य मत डालते हैं। इस बार यह वोटिंग का अधिकार करीब 350 से भी ज्यादा प्रांतीय परिषद के सदस्यों को दिया गया है। 98 में से 84 संगठन जिलों के इलेक्शन भी समाप्त हुए हैं। वहीं, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) को यूपी के लिए इलेक्शन ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया है।
UP Politics किन नामों पर चर्चा तेज?
साध्वी निरंजन ज्योति
यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के लिए साध्वी निरंजन ज्योति का नाम चर्चा का विषय बना हुआ है। अति पिछड़े निषाद समाज से ने वली निरंजन ज्योति के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अच्छे संबंध बताए जाते हैं।
बीएल वर्मा
बीएल वर्मा इस वक्त उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में केंद्रीय राज्यमंत्री हैं। वर्मा ने साल 1980 में भाजपा युवा मोर्चा से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। केंद्रीय नेतृत्व OBC फैक्टर को ध्यान में रखते हुए इन्हें पद सौंप सकती है।
पंकज चौधरी
भारत के केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के नाम की भी काफी चर्चा हो रही है। चौधरी महराजगंज में अच्छी पकड़ रखते हैं। वह इस सीट से 7 बार सांसद बन चुके हैं। उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छे संबंध बताए जाते हैं।
दिनेश शर्मा और हरीश द्विवेदी
ब्राह्मण चेहरे के तौर पर दिनेश शर्मा और हरीश द्विवेदी के नाम काफी सुर्खियों में बने हुए हैं। एक तरफ दिनेश शर्मा राज्यसभा सांसद हैं तो दूसरी ओर हरीश द्विवेदी बस्ती से एमपी रह चुके हैं।




