सीजी भास्कर, 26 अक्टूबर। राजधानी रायपुर में UPSC-PSC कोचिंग (UPSC Coaching Fraud Raipur) की तैयारी कराने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सरस्वती नगर थाना पुलिस ने कौटिल्य एकेडमी के डायरेक्टर पवन टांडेश्वर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी पत्नी रूबी मजूमदार अब भी फरार है। आरोपित दंपती ने छात्रों से बेहतर चयन और गाइडेंस का झांसा देकर 18 लाख रुपये से अधिक की रकम हड़प ली थी।
छात्रों से ली लाखों की फीस, फिर बंद की कोचिंग
पुलिस के मुताबिक, मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का है। आरोपित पवन टांडेश्वर और उसकी पत्नी ने मिलकर राजधानी रायपुर में कौटिल्य एकेडमी के नाम से UPSC-PSC कोचिंग (UPSC Coaching Fraud Raipur) शुरू की थी। दोनों ने चयन की गारंटी और अनुभवी फैकल्टी का हवाला देते हुए 19 अभ्यर्थियों से कुल 18,03,105 रुपये जमा करवाए। कुछ महीनों तक क्लास चलाने के बाद डायरेक्टर ने कोचिंग शिफ्ट करने का बहाना बनाया और अचानक संस्थान बंद कर फरार हो गया।
छात्रों को झांसे में रखकर किए नंबर ब्लॉक
जांच में पता चला कि कोचिंग बंद होने के बाद जब छात्रों ने संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोपित दंपती ने उन्हें झूठे आश्वासन देते हुए कुछ दिनों तक बहलाया। इसके बाद दोनों ने सभी छात्रों के नंबर ब्लॉक कर दिए और रायपुर से फरार हो गए। ठगी के शिकार अभ्यर्थियों ने 25 नवंबर 2024 को सरस्वती नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
एक साल बाद गिरफ्त में आया डायरेक्टर, पत्नी अभी फरार
लगभग एक साल की तलाश के बाद पुलिस ने आरोपी पवन टांडेश्वर को गिरफ्तार किया है। उसकी पत्नी रूबी मजूमदार की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि फरार महिला संचालक को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
फैकल्टी को भी लगाया चूना
मामले की जांच के दौरान एक और खुलासा हुआ। डायरेक्टर पवन टांडेश्वर ने कोचिंग में पढ़ाने वाले फैकल्टी सदस्यों को भी धोखा दिया। उसने सैलरी के लिए चेक जारी किए, लेकिन बैंक में जमा करने पर सभी चेक साइन मिसमैच के कारण बाउंस हो गए। इसके बाद फैकल्टी में शामिल कई शिक्षकों ने भी उसके खिलाफ अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं।
पुलिस अब वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटी
पुलिस का कहना है कि आरोपित द्वारा छात्रों से ली गई फीस का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन और कैश दोनों माध्यमों से लिया गया था। जांच टीम बैंक खातों, मोबाइल लेनदेन और फीस रसीदों की जांच कर रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि पवन टांडेश्वर ने पहले भी अन्य जिलों में इस तरह की कोई ठगी तो नहीं की। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले छात्रों को संस्था की पंजीयन स्थिति और प्रमाणपत्रों की जांच जरूर करनी चाहिए।




