सीजी भास्कर, 12 दिसंबर। यूरोप की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब अमेरिका की कथित नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटजी से जुड़ा एक लीक दस्तावेज (US Leaked Strategy Europ) सामने आया। इस दस्तावेज में दावा किया गया है कि अमेरिका फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी में मौजूदा सत्ताधारी दलों को सत्ता से बाहर करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ऐसा कोई दस्तावेज अस्तित्व में ही नहीं है।
लीक रिपोर्ट ऐसे वक्त सामने आई है, जब यूक्रेन युद्ध को लेकर यूरोप की स्थिति कमजोर मानी जा रही है और रूस के साथ तनाव लगातार बना हुआ है। इसी कारण इस दस्तावेज को लेकर यूरोपीय देशों में गंभीर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
तीन देशों में सत्ता परिवर्तन का दावा
कथित दस्तावेज में कहा गया है कि अमेरिका यूरोप के भीतर ही राजनीतिक असंतोष को बढ़ावा देकर सत्ता संतुलन बदलना (US Leaked Strategy Europ) चाहता है। रणनीति के तहत राष्ट्रवादी दलों को मजबूत करने की बात कही गई है, हालांकि किसी पार्टी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिखा गया है। विश्लेषकों के अनुसार, दस्तावेज में प्रयुक्त कोडवर्ड्स का आशय इस प्रकार समझा जा रहा है—
फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ मरीन ली पेन की पार्टी को समर्थन देने की बात कही गई है। मैक्रों का कार्यकाल 2027 तक है और उसी साल राष्ट्रपति चुनाव प्रस्तावित हैं।
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की लेबर पार्टी के मुकाबले रिफॉर्म पार्टी को आगे बढ़ाने की रणनीति का संकेत दिया गया है।
जर्मनी में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के खिलाफ राइट विंग पार्टी एएफडी को मजबूत करने की बात कही जा रही है, जिसे हाल के वर्षों में समर्थन मिलता दिखा है।
यूरोप के भीतर विभाजन की रणनीति?
दस्तावेज के एक अन्य हिस्से में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका यूरोप को एकजुट रखने के बजाय कुछ देशों को रणनीतिक रूप से अलग-थलग करने की नीति अपना सकता है। इनमें हंगरी, इटली, पोलैंड और ऑस्ट्रिया का नाम सामने आया है—जहां फिलहाल दक्षिणपंथी या राष्ट्रवादी सरकारें सत्ता में हैं।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का करीबी माना जाता है। ट्रंप कई मंचों पर मेलोनी की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा कर चुके हैं।
‘परंपरागत मूल्यों’ के नाम पर समर्थन की बात
लीक दस्तावेज के एक हिस्से में कहा गया है कि अमेरिका (US Leaked Strategy Europ) को यूरोप में उन राजनीतिक दलों, सामाजिक आंदोलनों और सांस्कृतिक हस्तियों का समर्थन करना चाहिए, जो—
यूरोपीय जीवनशैली की संप्रभुता की बात करते हों
पारंपरिक मूल्यों की रक्षा का दावा करते हों
और अमेरिका के रणनीतिक हितों के प्रति सहानुभूति रखते हों
हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि यूरोप अपने प्रभाव के पतन की ओर बढ़ रहा है, और आने वाले समय में उसकी वैश्विक पकड़ कमजोर होगी।
अमेरिका ने दावों को बताया फर्जी
इन सभी अटकलों के बीच अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं है और लीक रिपोर्ट पूरी तरह भ्रामक है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यूरोप की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप की कोई नीति नहीं अपनाई जा रही है।
फिलहाल यह मामला दावे बनाम खंडन के बीच फंसा हुआ है, लेकिन इतना तय है कि इस लीक ने यूरोप–अमेरिका संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।




