सीजी भास्कर, 14 दिसंबर। राजधानी जयपुर में वर्धमान ग्रुप की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही (Vardhman Group FIR) हैं। फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन पर अवैध कब्जा करने और करोड़ों रुपये की हेराफेरी के आरोपों में वर्धमान ग्रुप के खिलाफ मानसरोवर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई श्री कुंदन लाल मेमोरियल एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष की शिकायत के आधार पर की गई है।
पुलिस के अनुसार, सोसाइटी अध्यक्ष दीप चंद वर्मा की शिकायत पर वर्धमान न्यूजेन एजुकेशन एकेडमी के साथ-साथ इसके निदेशक कमल सेठिया और विवेक सेठिया को नामजद किया गया (Vardhman Group FIR ) है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोसाइटी की लीज पर ली गई जमीन का उद्देश्य के विपरीत उपयोग किया गया और नियमों को दरकिनार कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई।
लीज के नाम पर शुरू हुआ खेल
शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2000 में राजस्थान आवासन मंडल ने मानसरोवर सेक्टर-3 में संबंधित जमीन सोसाइटी को आवंटित की थी, जहां स्कूल और कॉलेज का संचालन किया जा रहा था। वर्ष 2016 में एक सर्विस प्रोवाइडर एग्रीमेंट के तहत वर्धमान ग्रुप को प्रबंधन सौंपा गया। आरोप है कि इसी समझौते की आड़ में आय-व्यय में हेराफेरी शुरू हुई और वास्तविक आमदनी को छिपाया जाने लगा।
कॉमर्शियल गतिविधियों से अवैध कमाई
सोसाइटी का आरोप है कि बिना किसी वैधानिक अनुमति के कॉमर्शियल गतिविधियां संचालित की (Vardhman Group FIR) गईं। परिसर में स्पोर्ट्स एकेडमी, अवैध गेम जोन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के जरिए अतिरिक्त आय अर्जित की गई। छात्रों से वसूली गई फीस को अलग-अलग माध्यमों से डायवर्ट कर बहीखातों में सही आंकड़े दर्ज नहीं किए गए।
छात्रों की फीस से मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि 1800 से 2000 छात्रों से वसूली गई फीस का बड़ा हिस्सा हिसाब-किताब से बाहर है। आरोप है कि इस राशि का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वर्धमान ग्रुप के बिल्डर प्रोजेक्ट्स में निवेश करने में किया गया। इसके अलावा, लीज डीड ट्रांसफर कराने के लिए राजस्थान हाउसिंग बोर्ड में फर्जी दस्तावेज पेश किए जाने की बात भी सामने आई है।
जांच के दायरे में दस्तावेज और लेन-देन
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। सभी दस्तावेजों, बैंक ट्रांजैक्शन और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई में वर्धमान ग्रुप से जुड़े ठिकानों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई थी, जिसके बाद यह मामला और गंभीर हो गया है।
किस थाने में दर्ज हुआ मामला?
मानसरोवर थाना, जयपुर में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
आरोपों की मुख्य बिंदु
– फर्जी दस्तावेजों से जमीन पर कब्जा
– नियमों के खिलाफ निर्माण और व्यवसाय
– छात्रों की फीस में हेराफेरी
– 20 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी





