सीजी भास्कर, 19 मार्च। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को सियासी तापमान अचानक (Vijay Sharma Bill Assembly) बढ़ गया, जब गृहमंत्री विजय शर्मा ने सदन में छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक पेश किया। बिल के प्रस्तुत होते ही विपक्ष ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और चर्चा से पहले ही कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
क्या है विधेयक का उद्देश्य?
सरकार की ओर से पेश इस विधेयक का उद्देश्य बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या भ्रामक जानकारी देकर कराए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाना बताया गया है। सरकार का कहना है कि चर्चा के बाद इसे पारित किया जाएगा, जबकि विपक्ष इसे जल्दबाजी में लाया गया प्रस्ताव बता रहा है।
विपक्ष का विरोध, सदन से बहिर्गमन
विधेयक पर आपत्ति जताते हुए विपक्ष ने पहले विरोध (Vijay Sharma Bill Assembly) दर्ज कराया और फिर नारेबाजी के बीच सदन से वॉकआउट कर दिया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जिससे सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया।
SIR मुद्दे पर भी हंगामा
शून्यकाल के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाया। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने दावा किया कि प्रदेश में करीब 19 लाख नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इसे निर्वाचन आयोग का विषय बताते हुए सदन में चर्चा के लायक नहीं माना, जिसके बाद बहस और तेज हो गई।
अन्य मुद्दों पर भी चर्चा
सत्र के दौरान वीरता पदक प्राप्तकर्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं और अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी जैसे मुद्दों पर भी सवाल-जवाब (Vijay Sharma Bill Assembly) हुए। रायपुर के भाठागांव स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी को लेकर जब सवाल उठा, तो इस पर अजय चंद्राकर ने हल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि “बाकी डॉक्टर फिल्म देखने गए हैं, फिल्म खत्म होने के बाद लौटेंगे”, जिससे सदन में कुछ देर के लिए माहौल हल्का हो गया।
सियासी टकराव के संकेत
आज की कार्यवाही ने साफ कर दिया कि विधानसभा में आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और तेज होने वाला है, जहां हर मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आएंगे।


