फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। Vikram Bhatt Fraud Case के इस ताजा घटनाक्रम में बताया गया कि दोनों यारी रोड स्थित एक अपार्टमेंट में अपनी साली के यहां रह रहे थे, जहां संयुक्त टीम ने अचानक दस्तक देकर उन्हें हिरासत में लिया। अब दोनों को ट्रांजिट रिमांड के लिए अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।
उद्योगपति की शिकायत—इवेंट में हुई मुलाकात, शुरू हुई चर्चा
FIR दर्ज कराने वाले उदयपुर के उद्योगपति डॉ. अजय मुर्डिया का आरोप है कि उनकी मुलाकात एक सोशल इवेंट के दौरान एक ऐसे व्यक्ति (“Fraud Investment Pitch”) से हुई, जिसने उनकी पत्नी के जीवन पर फिल्म बनाने का सुझाव दिया। इसके बाद उन्हें मुंबई बुलाया गया, जहां पहली बार उनका परिचय फिल्म निर्देशक भट्ट से कराया गया। बातचीत में फिल्म निर्माण की ज़िम्मेदारी भट्ट दंपति द्वारा संभाले जाने पर सहमति बनी, जबकि फंडिंग मुर्डिया परिवार को करनी थी।
दो फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट, 40 करोड़ का प्रोजेक्ट—7 करोड़ की मांगी गई दूसरी किस्त
शिकायत के अनुसार, भट्ट दंपति ने अपनी कंपनी VSB LLP के माध्यम से ‘बायोनिक’ और ‘महाराणा’ नामक फिल्मों का प्रस्ताव दिया। मई 2024 में 2.5 करोड़ रुपये की पहली किस्त जमा करने के बाद, दूसरी किस्त के रूप में 7 करोड़ रुपये की मांग की गई। दावा किया गया कि चार फिल्मों के पैकेज पर लगभग 47 करोड़ रुपये खर्च होंगे और मुनाफा 100–200 करोड़ तक पहुंच सकता है। उद्योगपति का आरोप है कि यह पूरा मॉडल बाद में एक संगठित “Film Funding Scam” जैसा प्रतीत हुआ।
फर्जी वेंडर्स, मजदूरों के नाम पर भुगतान—जांच में खुला बड़ा जाल
FIR में कहा गया है कि दंपति के निर्देश पर कई वेंडर्स को करोड़ों रुपये भेजे गए, जिनकी असलियत जांच में सामने आई। कई नाम पुताई मजदूर, ड्राइवर और छोटे कामगार निकले। आरोप है कि इन राशिों का बड़ा हिस्सा आगे चलकर श्वेतांबरी भट्ट के बैंक खाते में स्थानांतरित हो गया, जिससे संदेह और गहरा हुआ। पुलिस ने इस लेनदेन को कथित “Bogus Vendor Network” का हिस्सा बताया है।
भट्ट दंपति का दावा—‘हम फंसाए जा रहे हैं, सबूत हमारे पास’
दूसरी ओर, भट्ट दंपति का कहना है कि उन्हें किसी नोटिस की जानकारी नहीं दी गई और वे गलत तरीके से इस मामले में घसीटे जा रहे हैं। उनका कहना है कि उनके पास कॉन्ट्रैक्ट, ईमेल और लेनदेन से जुड़े सारे दस्तावेज मौजूद हैं। दंपति का यह भी आरोप है कि देरी शिकायतकर्ता द्वारा भुगतान रोकने के कारण हुई, जिसके चलते प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। पुलिस अब दोनों को आगे की जांच के लिए राजस्थान भेजने की प्रक्रिया में जुटी है।





