Violent Assault : हथखोज औद्योगिक क्षेत्र की एक कंपनी में शुक्रवार दोपहर अचानक तब अफरा-तफरी मच गई, जब आधा दर्जन से अधिक युवक लेबर रूम में घुस आए और कर्मचारियों पर बेतहाशा हमला कर दिया। कर्मचारियों के अनुसार आरोपी कई दिनों से कंपनी में काम करने वाले मजदूरों पर शराब या ganja demand (Extortion Case) के नाम पर दबाव डाल रहे थे।
Extortion Case: पैसे नहीं देने पर की गई बर्बर मारपीट
कंपनी के सुपरवाइजर श्रवण कुमार ने बताया कि दोपहर करीब पौने 3 बजे उन्हें फोन पर सूचना दी गई कि लेबर रूम में कुछ युवक डंडा–चाकू लेकर कर्मचारियों को पीट रहे हैं। मौके पर पहुँचने पर उन्होंने देखा कि एक लेबर को अर्धनग्न कर मारपीट की जा रही थी, जबकि बाकी कर्मचारी डर के मारे कोने में खड़े थे।
शिकायत के मुताबिक आरोपियों में मोहम्मद जाबीर अली, मोहम्मद दिलकश, मोहम्मद लाडले, समीर, शमीम और सलामू अपने साथियों के साथ रूम में घुसे और पैसे न देने पर हमला बोल दिया।
Violent Assault का शिकार बने सुपरवाइजर और कर्मचारी
बीच-बचाव करने पहुँचे श्रवण कुमार, पी. सुब्बा राव, अमित त्यागी और गिरजेश सिंह पर भी आरोपियों ने डंडा, चाकू और बेसबॉल बैट से हमला कर दिया।
इस दौरान श्रवण के हाथ, आँख के नीचे का हिस्सा और दोनों पैरों में चोटें आईं। अमित त्यागी के पैर और गर्दन पर गंभीर निशान हैं, जबकि पी. सुब्बा राव के सिर और हाथ-पैर में चोटें आईं।
इलाज और Investigation Update: एक घायल रायपुर रेफर
घटना की जानकारी मिलते ही कई कर्मचारी घायलों को लेकर अस्पताल पहुँचे। प्राथमिक उपचार के बाद श्रवण और अमित त्यागी को छुट्टी दे दी गई, जबकि पी. सुब्बा राव की स्थिति देखते हुए उन्हें रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया है।
पुलिस ने Investigation Update के तहत सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 296, 118(1), 351(3), 119(1), 109 व 191(2) के तहत केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
Violent Assault : कर्मचारियों का दावा: कई दिनों से चल रही थी धमकी और वसूली
कंपनी में मौजूद कृष्णा महतो, चेतन गोप और शिवो गोप ने पुलिस को बताया कि हथखोज बस्ती के ये युवक पिछले कई दिनों से शराब और गांजा पीने के नाम पर रोजाना उनसे पैसे मांगते थे।
मना करने पर अक्सर गाली-गलौज और धमकी मिलती थी, लेकिन शुक्रवार को मामला अचानक हिंसक (Violent Assault) हो गया और सभी आरोपी लेबर रूम में घुसकर टूट पड़े।
Workplace Attack पर पुलिस की अगली कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने कंपनी परिसर की सुरक्षा बढ़ाई है और आसपास के क्षेत्रों में दबिश भी दी गई है।
अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह वसूली का मामला किसी बड़े समूह से जुड़ा हुआ है या सिर्फ स्थानीय स्तर की दबंगई है।
CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।





