सीजी भास्कर, 02 जनवरी। चमक-दमक से भरी फिल्मी दुनिया में हर सितारे की कहानी आसान नहीं होती। कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जो उम्मीद, संघर्ष और आत्मविश्वास (Vishal Jethwa Oscar 2026) का पाठ पढ़ाती हैं। Vishal Jethwa की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जहां गरीबी, अभाव और संघर्ष के बीच पला-बढ़ा एक लड़का आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान दर्ज कराने की दहलीज तक पहुंच चुका है।
घरों में सफाई से लेकर कैमरे की चमक तक
विशाल जेठवा का बचपन आर्थिक तंगी में बीता। पिता नारियल पानी बेचकर घर चलाते थे, जबकि मां दूसरों के घरों में झाड़ू-पोंछा कर परिवार की जरूरतें पूरी करती थीं। सीमित साधनों के बावजूद माता-पिता ने बेटे के सपनों को कभी बोझ नहीं माना। यही वजह रही कि विशाल ने हालात को कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाया।
टीवी से मिला पहला ब्रेक
साल 2013 में टीवी शो भारत का वीर पुत्र: महाराणा प्रताप में लीड रोल निभाकर विशाल ने पहली बार दर्शकों (Vishal Jethwa Oscar 2026) का ध्यान खींचा। ऐतिहासिक किरदार में उनकी गंभीरता और अभिनय ने यह साफ कर दिया कि यह चेहरा लंबी रेस का घोड़ा है।
फिल्मों में विलेन बनकर मचाया तहलका
बॉलीवुड में विशाल को असली पहचान मिली फिल्म Mardaani 2 से, जहां उन्होंने खौफनाक विलेन का किरदार निभाकर दर्शकों और समीक्षकों को चौंका दिया। इसके बाद Salam Venky, Tiger 3 और IB71 जैसी फिल्मों में उनके अभिनय की रेंज देखने को मिली।
बॉक्स ऑफिस नहीं, पहचान बनी अंतरराष्ट्रीय
हाल ही में विशाल की फिल्म Homebound बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाई, लेकिन इसी फिल्म ने उन्हें एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। यह फिल्म Academy Awards 2026 की दौड़ के लिए शॉर्टलिस्ट हुई है। फिल्म में Ishaan Khatter और Janhvi Kapoor भी अहम भूमिकाओं में हैं।
संघर्ष से सफलता तक का संदेश
31 वर्षीय विशाल जेठवा आज उन युवाओं के लिए मिसाल हैं, जो हालात को अपनी किस्मत मानकर हार मान (Vishal Jethwa Oscar 2026) लेते हैं। उनकी कहानी बताती है कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के आगे गरीबी भी रास्ता छोड़ देती है। झाड़ू-पोंछा करने वाली मां और नारियल पानी बेचने वाले पिता का बेटा आज ऑस्कर की रेस में खड़ा है—और यही इस कहानी की सबसे बड़ी जीत है।





