सीजी भास्कर, 23 दिसंबर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची (Voter List) के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का सबसे ज्यादा असर रायपुर जिले की सात विधानसभा सीटों में देखा जा रहा है। रायपुर जिले के अलावा कोई भी जिला ऐसा नहीं है, जहां करीब पांच लाख मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हों। जिला प्रशासन 23 दिसंबर को प्रारंभिक मतदाता सूची जारी करेगा।
जानकारी के अनुसार सोमवार रात 10 बजे तक जिले की सात विधानसभा के 18,92,523 वोटरों में से 4,94,485 के नाम सूची में नहीं पाए गए हैं। यानी रायपुर जिले की मतदाता सूची (Voter List) में हर चौथा वोटर बाहर होगा।
रायपुर जिले में 79,405 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। इनके नाम सभी काट दिए गए हैं। वहीं, 2,88,222 मतदाता जिले से बाहर चले गए हैं। ये वोटर अपने घरों में नहीं मिले। बीएलओ ने इन्हें शिफ्ट बताया है। यानी ऐसे मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए जाएंगे। इसके अलावा, 1,291 नाम डुप्लीकेट पाए गए हैं। यानी एक ही नाम दो बार दर्ज था। चौंकाने वाली बात यह है कि 1,12,109 मतदाता ऐसे हैं जो अपने घर में नहीं मिले।
Voter List अब आगे की जानें प्रक्रिया
एसआईआर के पहले चरण का काम पूरा होने के बाद यह सूची आयोग की वेबसाइट में अपलोड कर दी जाएगी। 23 दिसंबर से लोग वोटर हेल्पलाइन और आयोग की वेबसाइट पर अपने कार्ड में दर्ज ई-पीक नंबर से अपना नाम देख सकते हैं। जिनके नाम सूची में नहीं हैं, वे फॉर्म-6 भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा करेंगे। आयोग इस सूची को सर्चेबल मोड में अपलोड कर रहा है। इस वजह से कोई भी मतदाता अपना या किसी अन्य का नाम आसानी से देख सकता है।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी नवीन सिंह ठाकुर ने बताया कि 23 दिसंबर को प्रारंभिक मतदाता सूची (Voter List) का प्रकाशन होने के बाद जिन लोगों के नाम सूची में नहीं हैं, वे 22 जनवरी तक आपत्ति कर सकते हैं। इसी दौरान सी कैटेगरी के मतदाताओं को भी संबंधित इलाकों के एसडीएम की ओर से नोटिस दी जाएगी।
14 फरवरी तक होगी सुनवाई
14 फरवरी 2026 तक इन नोटिसों और आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी। इसके बाद 21 फरवरी 2026 को अंतिम और फाइनल मतदाता सूची (Voter List) का प्रकाशन किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में मतदाताओं को समय रहते अपने नाम की पुष्टि करना जरूरी है, ताकि आगामी चुनावों में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।
रायपुर जिले के मतदाता इस प्रक्रिया से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, क्योंकि यहां हर चौथा नाम सूची से बाहर हुआ है। इस कारण जिले में मतदाता जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि लोग सही समय पर अपनी जानकारी को सूची में दर्ज कराएं।


