सीजी भास्कर, 30 जनवरी | Voter List Name Deletion Controversy : मानपुर जिले में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दशकों से मतदाता सूची में दर्ज नागरिकों के नाम काटने के लिए ऐसे आवेदन लगाए गए, जिनके बारे में संबंधित आवेदकों का कहना है कि उन्होंने कभी कोई आवेदन दिया ही नहीं। उनका आरोप है कि उनके नाम और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं।
प्रभावित मतदाताओं ने SDM–तहसीलदार से की मुलाकात
मामले के सामने आने के बाद प्रभावित मतदाता और संबंधित व्यक्ति सीधे SDM और तहसीलदार के समक्ष पहुंचे। उन्होंने लिखित में अपना कथन प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि बिना उनकी जानकारी के नाम कटाने की कोशिश की जा रही है। प्रभावितों ने मतदाता सूची से नाम न हटाने की मांग की और जरूरत पड़ने पर FIR दर्ज कराने की बात भी कही।
अल्पसंख्यक समुदाय तक सीमित क्यों आवेदन?
इस पूरे प्रकरण में सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि जिन मतदाताओं के नाम काटने के लिए आवेदन लगाए गए हैं, वे सभी मुस्लिम समुदाय से हैं। सूत्रों के अनुसार, मानपुर तहसील कार्यालय में अन्य पंचायत क्षेत्रों से भी ऐसे आवेदन सामने आए हैं, जिनमें अधिकांश नाम मुस्लिम, ईसाई अथवा मतांतरित लोगों के बताए जा रहे हैं। यही तथ्य पूरे मामले को और संवेदनशील बना रहा है।
फुलकोड़ों पंचायत का मामला
ताजा मामला मानपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत फुलकोड़ों से जुड़ा है। यहां पंचायत क्षेत्र के छह मुस्लिम नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए आवेदन प्रशासन के पास जमा हुआ। आवेदन में आवेदक के रूप में ग्राम पंचायत के सरपंच का नाम दर्ज पाया गया, जिससे विवाद और गहरा गया।
सरपंच ने फर्जीवाड़े से किया इनकार
ग्राम पंचायत फुलकोड़ों के सरपंच ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने इस तरह का कोई आवेदन नहीं दिया है। उनके अनुसार, उनके नाम और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर फर्जी आवेदन लगाया गया है। सरपंच ने इस संबंध में SDM के समक्ष लिखित शिकायत भी दर्ज कराई और जांच की मांग की।
ग्राम पंचायत प्रस्ताव से हुआ खुलासा
सरपंच अपने साथ ग्राम पंचायत में पारित प्रस्ताव की प्रति लेकर SDM कार्यालय पहुंचे। इस प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि जिन छह व्यक्तियों के नाम काटने का आवेदन लगाया गया है, वे वर्तमान में पंचायत क्षेत्र में निवासरत हैं और वैध मतदाता हैं। यह दस्तावेज पूरे प्रकरण में एक अहम आधार बनकर सामने आया।
SDM का आश्वासन
SDM मानपुर ने प्रभावित मतदाताओं और सरपंच को SIR प्रक्रिया की जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि बिना सुनवाई और जांच के किसी का भी नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने कहा कि सभी आवेदनों पर नियमानुसार सुनवाई होगी और उसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
FIR की तैयारी
सरपंच और प्रभावित मतदाताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में फर्जीवाड़ा साबित होता है, तो वे थाने में FIR दर्ज कराएंगे। उनका कहना है कि यह न केवल मतदाता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि जनप्रतिनिधि की छवि खराब करने का भी प्रयास है।
राजनीतिक आरोप–प्रत्यारोप
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया का दुरुपयोग कर चुनिंदा वर्ग के मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
प्रभावित मतदाता की पीड़ा
प्रभावित मतदाता सैय्यद मोहम्मद अली ने कहा कि वे वर्षों से उसी पंचायत में रह रहे हैं और सभी समुदाय आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं। उनका सवाल है कि आखिर केवल कुछ लोगों को ही क्यों निशाना बनाया गया। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।




