CG BhaskarCG Bhaskar
Aa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Aa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » भारत का ‘महाबली’ इंजन प्रोजेक्ट क्या है? राफेल और 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स को मिलेगा कावेरी का दम, पाकिस्तान और चीन सन्न

भारत का ‘महाबली’ इंजन प्रोजेक्ट क्या है? राफेल और 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स को मिलेगा कावेरी का दम, पाकिस्तान और चीन सन्न

By Newsdesk Admin 28/05/2025
Share

सीजी भास्कर, 28 मई। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने भारत की ताकत को देखा। इस ऑपरेशन में ज्यादातर हथियार स्वदेशी इस्तेमाल किए गए।

Contents
जानें क्या है कावेरी की कहानी?कई चुनौतियों का सामनाकावेरी इंजन की खासियतप्रोजेक्ट में क्यों हुई देरी?

भारत लगातार अपनी डिफेंस पावर बढ़ाने में लगा हुआ है। ऐसे में एक बार फिर से स्वदेशी की मांग उठने लगी है। भारत ने पांचवीं पीढ़ी फाइटर जेट्स बनाने की दिशा में अपना पहला कदम भी रख दिया। इन जेट्स के इंजन को ध्यान में रखते हुए कावेरी इंजन सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।

दरअसल, भारत काफी समय से स्वदेशी फाइटर जेट इंजन बनाने की कोशिश कर रहा है और इसी प्रोजेक्ट का नाम कावेरी इंजन प्रोजेक्ट है, जो 1980 के दशक में शुरू हुआ था। अब लोग चाहते हैं कि इस प्रोजेक्ट में तेजी लाई जाए और इसीलिए सोशल मीडिया पर #FundKaveriengine ट्रेंड कर रहा है। इसके तहत लोगों ने मोदी सरकार से अपील की है कि कावेरी इंजन के लिए फंड मुहैया कराया जाए और जल्दी ही फाइटर जेट्स के इंजन बनाने के मामले में भारत आत्मनिर्भर हो जाए।

जानें क्या है कावेरी की कहानी?

कावेरी उस प्रोजेक्ट का नाम है जिसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) भारत के लिए डेवेलप कर रहा है। डीआरडीओ की जीटीआरई लैब इसे बना रही है। इस प्रोजेक्ट पर लंबे समय से काम चल रहा है।

कावेरी इंजन प्रोजेक्ट की शुरुआत 1980 के दशक में की गई थी, जिसका टारगेट 81-83 केएन थ्रस्ट वाला टर्बोफैन इंजन डेवेलप करना है। सबसे पहले इस इंजन को लड़ाकू विमान एलसीए तेजस में लगाया जाएगा लेकिन प्रोजेक्ट के डिले होने के बाद तेजस प्रोग्राम से अलग कर लिया गया।

कई चुनौतियों का सामना

ये प्रोजेक्ट टेक्निकल चैलेंजेज, मैटेरियल की कमी और फंड की कमी की वजह से पीछे रह गया। इतना ही नहीं 1998 में जब भारत ने परमाणु परीक्षण कर लिया तो दुनिया के कुछ देशों ने लड़ाकू विमानों की संवेदनशील टेक्नोलॉजी भारत को देने से मना कर दिया।

मुश्किलें चाहे कितनी भी आईं हों लेकिन कावेरी इंजन प्रोजेक्ट को कभी बंद नहीं किया गया। डीआरडीओ अब इसे मानव रहित हवाई वाहनों, घातक हवाई वाहनों और पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स के लिए तैयार कर रहा है।

हाल ही में जीटीआरई को इसकी टेस्टिंग में कामयाबी भी मिली है. इस इंजन ने ड्राई वैरियंट में पिछली जो भी चुनौतियां थीं उनको पार कर लिया है। कावेरी इंजन को मुश्किल टेस्टिंग से गुजारा गया था और इंजन ने बेहतरीन नतीजा दिया।

कावेरी इंजन की खासियत

कावेरी इंजन में हाई टेंपरेचर और हाई स्पीड की कंडीशन में थ्रस्ट लॉस को कम करने के लिए एक फ्लैट-रेटेड डिजाइन है। इसका ट्विन-लेन फुल अथॉरिटी डिजिटल इंजन कंट्रोल (FADEC) सिस्टम सटीक नियंत्रण सुनिश्चित करता है, साथ ही ज्यादा विश्वसनीयता के लिए मैन्युअल बैकअप भी है। यह डिजाइन इंजन को अलग-अलग ऑपरेटिंग सिचुएशन में ऑप्टिमल परफॉर्मेंस बनाए रखने में सक्षम बनाता है।

कावेरी इंजन प्रोजेक्ट इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि अगर आने वाले समय में कावेरी इंजन अपने पूर्ण थ्रस्ट टारगेट को हासिल कर लेता है तो राफेल जैसे फाइटर जेट्स के लिए एक ऑप्शन बन सकता है। इस इंजन को 55 से 58 kN के बीच थ्रस्ट पैदा करने के लिए डिजाइन किया गया है और इसके 90 kN तक ले जाने का उम्मीद लगाई जा रही है।

अगर ऐसा हो जाता है तो भारत 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स बनाने में तेजी ला सकता है और दुश्मन देश पाकिस्तान-चीन की नींद तो उड़ेगी ही साथ ही अमेरिका, रूस और फ्रांस जैसे देशों पर निर्भरता कम हो जाएगी।

प्रोजेक्ट में क्यों हुई देरी?

कावेरी इंजन प्रोजेक्ट को अलग-अलग चुनौतियों की वजह से देरी और असफलताओं का सामना करना पड़ा है। इनमें एयरोथर्मल डायनेमिक्स, धातु विज्ञान और नियंत्रण प्रणाली जैसी उन्नत तकनीकों को शुरू से विकसित करने में कठिनाई शामिल है।

पश्चिमी प्रतिबंधों ने सिंगल-क्रिस्टल ब्लेड जैसी महत्वपूर्ण सामग्रियों को देने से मना कर दिया, जबकि भारत के पास कुशल जनशक्ति और उच्च-ऊंचाई परीक्षण सुविधाओं की कमी थी, जिसके कारण उसे रूस के CIAM जैसे विदेशी सेटअप पर निर्भर रहना पड़ा।

You Might Also Like

Naxal Free India Debate: संसद में टकराए शाह-बघेल, ‘नक्सल-मुक्त भारत’ दावे पर सियासी घमासान

Middle East War Statement: विधानसभा पहुंचीं महबूबा मुफ्ती, ईरान के समर्थन में दिया बड़ा बयान

Durg Fire Incident: रात के अंधेरे में भड़की आग, 4 दुकानों का सबकुछ राख…

Apple 2026 Launch: टेक वर्ल्ड में हलचल, 11 नए प्रोडक्ट्स से मार्केट पर बड़ा दांव

Raipur Drunk Driving Crackdown: संडे नाइट चेकिंग में टूटा रिकॉर्ड, 159 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

Newsdesk Admin 28/05/2025
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

Naxal Free India Debate: संसद में टकराए शाह-बघेल, ‘नक्सल-मुक्त भारत’ दावे पर सियासी घमासान

Naxal Free India Debate: लोकसभा में नक्सलवाद पर…

Mungeli Murder Case
Mungeli Murder Case : संपत्ति के लिए सगा भाई बना हत्यारा, मुंगेली में रिटायर्ड लेखापाल की हत्या का सनसनीखेज खुलासा

सीजी भास्कर, 31 मार्च। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले…

Chhattisgarh VC Appointment : उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव, छत्तीसगढ़ के 2 विश्वविद्यालयों को मिले नए कुलपति

सीजी भास्कर 31 मार्च। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा…

AK47 Naxal Surrender Chhattisgarh
AK47 Naxal Surrender Chhattisgarh : डेडलाइन के दिन बड़ा सरेंडर! कांकेर में AK-47 के साथ दो इनामी नक्सलियों ने डाले हथियार

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से नक्सल मोर्चे पर…

Middle East War Statement: विधानसभा पहुंचीं महबूबा मुफ्ती, ईरान के समर्थन में दिया बड़ा बयान

Middle East War Statement : जम्मू-कश्मीर की पूर्व…

You Might Also Like

ट्रेंडिंगदेश-दुनिया

Middle East War Statement: विधानसभा पहुंचीं महबूबा मुफ्ती, ईरान के समर्थन में दिया बड़ा बयान

30/03/2026
छत्तीसगढ़ट्रेंडिंग

Durg Fire Incident: रात के अंधेरे में भड़की आग, 4 दुकानों का सबकुछ राख…

30/03/2026
टेक्नोलॉजी

Apple 2026 Launch: टेक वर्ल्ड में हलचल, 11 नए प्रोडक्ट्स से मार्केट पर बड़ा दांव

30/03/2026
छत्तीसगढ़ट्रेंडिंगदेश-दुनिया

Raipur Drunk Driving Crackdown: संडे नाइट चेकिंग में टूटा रिकॉर्ड, 159 नशेड़ी ड्राइवर पकड़े गए

30/03/2026
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?