सीजी भास्कर 10 जनवरी रायपुर। WhatsApp Scam in Raipur का एक नया मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने सराफा कारोबारी की पहचान का इस्तेमाल कर एक वकील को निशाना बनाया। ठगों ने वाट्सएप पर भरोसे का जाल बिछाया और कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवा लिया। पीड़ित को जब तक सच्चाई का पता चला, तब तक रकम खाते से निकल चुकी थी।
भरोसे का फायदा उठाकर मांगे पैसे
जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रहने वाले वकील विजय कुमार दास के पास 8 जनवरी की शाम वाट्सएप मैसेज आया। सामने वाले ने खुद को एक परिचित सराफा कारोबारी बताते हुए कहा कि उसका यूपीआई अस्थायी रूप से काम नहीं कर रहा है और कुछ घंटों में रकम लौटा दी जाएगी। पुराने परिचय के चलते वकील ने संदेश पर भरोसा कर लिया।
यूपीआई से ट्रांसफर होते ही बदला खेल
ठगों के बताए अनुसार, विजय कुमार दास ने फोन-पे के जरिए यूनियन बैंक से जुड़े अपने खाते से 55 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। भुगतान के बाद उन्होंने ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट वाट्सएप पर भेजा, लेकिन मैसेज डिलीवर नहीं हुआ। यहीं से उन्हें शंका होने लगी कि कुछ गड़बड़ है।
असली नंबर पर बात होते ही खुली पोल
संदेह बढ़ने पर वकील ने संबंधित ज्वेलर्स के वास्तविक मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। कुछ ही देर में जवाब आया कि उनका वाट्सएप अकाउंट हैक हो गया है और उन्होंने किसी से भी पैसों की मांग नहीं की थी। इसी बातचीत के बाद वकील को साइबर ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने वाट्सएप अकाउंट हैक कर कारोबारी की पहचान का दुरुपयोग किया और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवा लिया। पुलिस अब यूपीआई डिटेल्स और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।


