सीजी भास्कर, 22 दिसंबर। मरवाही वनमंडल के मरवाही परिक्षेत्र अंतर्गत धनपुर वृत्त में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक राइस मिल परिसर में जंगली (Wild Bear Rescue) भालू के घुसने की सूचना मिली।
21 दिसंबर 2025 की सुबह लगभग 5 बजे भालू को परिसर में देखा गया, जो मधुमक्खी का छत्ता खाने के उद्देश्य से राइस मिल में दाखिल हुआ था। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित घेराबंदी में ले लिया गया। मानव और वन्यजीव सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राइस मिल को अस्थायी रूप से बंद कराया गया तथा कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
संभावित जोखिम को देखते हुए वन विभाग की उड़नदस्ता टीम द्वारा दिन और रात दोनों समय पीडब्ल्यूडी सड़क पर लगभग 60-60 मीटर की दूरी तक वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
भालू राइस मिल परिसर में स्थित करीब 32 फीट ऊंचे शेड पर चढ़ गया था, जिससे उसका सुरक्षित रेस्क्यू चुनौतीपूर्ण हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग द्वारा विशेष रणनीति तैयार की गई। मिल प्रबंधन के सहयोग से शेड तक मजबूत और सुरक्षित सीढ़ियां लगाई गईं, ताकि भालू को बिना किसी चोट के नीचे उतारा जा सके। पूरे अभियान के दौरान शांति बनाए रखी गई और भीड़ या शोर से पूरी तरह परहेज किया गया।
लगभग 22 दिसंबर की सुबह 3 बजे, सुनियोजित तरीके से सीढ़ी और एंगल की सहायता लेकर भालू को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद उसे वन अमले की सतत निगरानी में पास के प्राकृतिक वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। इस सफल अभियान के दौरान जंगली भालू रेस्क्यू (Wild Bear Rescue) को पूरी सावधानी और संवेदनशीलता के साथ अंजाम दिया गया।
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि इस रेस्क्यू अभियान में किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ और भालू को भी पूरी तरह सुरक्षित बचा लिया गया। विभाग ने राइस मिल प्रबंधन, स्थानीय नागरिकों और पुलिस प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि यदि कहीं वन्यजीव दिखाई दे, तो घबराएं नहीं, शोर या भीड़ न करें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सके।


