सीजी भास्कर, 4 जनवरी। जीआई तार में विद्युत प्रवाह कर जंगली सुअर शिकार (Wild Boar Hunting) के गंभीर मामले में वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल बलौदाबाजार भेज दिया गया है। यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण को लेकर विभाग की सतर्कता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे अवैध शिकार पर प्रभावी रोक लगाने का स्पष्ट संदेश गया है।
वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार गणवीर धम्मशील के निर्देशानुसार एवं उप वनमण्डलाधिकारी कसडोल अनिल वर्मा के नेतृत्व में 31 दिसंबर 2025 की रात्रि गश्त के दौरान सोनाखान परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 238 में संदिग्ध गतिविधियों का पता चला। जांच के दौरान 11 के.व्ही. विद्युत लाइन से जी.आई. तार द्वारा अवैध हुकिंग कर (जंगली सुअर शिकार) किए जाने की पुष्टि हुई। मौके के निरीक्षण पर लहुरसिंग के खेत में एक जंगली सुअर मृत अवस्था में पाया गया, जिसके समीप से जी.आई. तार गुजरता हुआ स्पष्ट रूप से देखा गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्धों से पूछताछ की। पूछताछ में सुरेश पिता गोसाईराम बरिहा, उम्र 37 वर्ष, ग्राम वीरनारायणपुर तथा अंजोर सिंह पिता रामसिंह बिंझवार, उम्र 35 वर्ष, ग्राम सोनाखान ने विद्युत करंट लगाकर जंगली सुअर शिकार (Wild Boar Hunting) करने की बात स्वीकार की। यह स्वीकारोक्ति अवैध शिकार की संगठित प्रवृत्ति को उजागर करती है, जो वन्यजीवों के लिए घातक सिद्ध हो रही है।
उक्त कृत्य के लिए वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 (यथा संशोधित अधिनियम, 2022) के तहत धाराओं के उल्लंघन में पी.ओ.आर. क्रमांक 16440/04 दिनांक 01/01/2026 दर्ज किया गया। मृत जंगली सुअर का शव परीक्षण पशु चिकित्सा अधिकारी योगेश कुमार साहू, हसुआ द्वारा कराया गया, जिसके पश्चात पंचनामा तैयार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई। पूरे प्रकरण में जंगली सुअर शिकार (Wild Boar Hunting) को लेकर विभाग ने सभी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया।
दोनों अभियुक्तों को विधिवत गिरफ्तार कर कसडोल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जिला जेल बलौदाबाजार भेजा गया। कार्रवाई के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी सोनाखान दीपक कौशिक, प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल मुकेश कश्यप, वनरक्षक मुकुल बघेल, खगेश्वर ध्रुव, बुद्धेश्वर दिवाकर सहित सुरक्षा श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग का कहना है कि भविष्य में (जंगली सुअर शिकार) जैसी घटनाओं पर और भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।





