सीजी भास्कर, 16 जनवरी। कोरबा जिले के करतला रेंज अंतर्गत चिकनीपाली गांव में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बस्ती के पास स्थित एक 20 फीट गहरे कुएं में एक साथ 6 जंगली सूअर गिर गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लगभग एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी जंगली सूअरों को सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल में छोड़ दिया। इस पूरे अभियान को (Wild Boar Rescue Korba) के रूप में एक सफल और सराहनीय उदाहरण माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बम्हनीन पहाड़ की ओर से छह जंगली सूअर भोजन की तलाश में बस्ती की ओर आ गए थे। इनमें एक मादा, दो नर और तीन छोटे बच्चे शामिल थे। सुबह-सुबह ग्रामीणों ने देखा कि सभी सूअर गांव के एक पुराने कुएं में गिर चुके हैं और पानी में तैरते हुए जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ग्रामीणों ने बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी, जिससे (Wild Boar Rescue Korba) को समय रहते अंजाम दिया जा सका।
मौके पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
एक साथ छह जंगली सूअरों के कुएं में गिरने की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। ग्रामीणों में कौतूहल के साथ-साथ चिंता भी साफ दिखाई दे रही थी। कुछ लोग अपने स्तर पर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास करना चाहते थे, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए जल्द ही वन विभाग की टीम को इंतजार किया गया। इस दौरान पूरे गांव में (Wild Boar Rescue Korba) को लेकर चर्चा का माहौल बना रहा।
अधिकारियों की मौजूदगी में शुरू हुआ रेस्क्यू
सूचना मिलते ही वन विभाग के एसडीओ एसके सोनी और प्रशिक्षु एसडीओ अर्चना पैकरा अपनी टीम के साथ तत्काल चिकनीपाली गांव पहुंचे। अधिकारियों ने सबसे पहले ग्रामीणों को कुएं से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो। इसके बाद टीम ने कुएं की स्थिति का निरीक्षण किया और देखा कि सभी छह जंगली सूअर अभी जीवित हैं और पानी में तैर रहे हैं, जिससे (Wild Boar Rescue Korba) की उम्मीद और मजबूत हुई।
रस्सी के सहारे एक-एक कर किया गया रेस्क्यू
रेस्क्यू अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने रस्सी और अन्य संसाधनों की मदद से एक-एक कर सभी जंगली सूअरों को कुएं से बाहर निकालने की योजना बनाई। यह कार्य आसान नहीं था, क्योंकि सूअर डरे हुए थे और पानी में लगातार हिल-डुल रहे थे। काफी मशक्कत के बाद टीम ने पहले बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, फिर मादा और नर सूअरों को बाहर लाया गया। जैसे ही वे कुएं से बाहर निकले, सभी जंगली सूअर जंगल की ओर भाग गए। इस तरह (Wild Boar Rescue Korba) अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
जागरूकता से बची वन्य जीवों की जान
एसडीओ एसके सोनी ने बताया कि वन विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में वन्य प्राणियों की सुरक्षा और सहअस्तित्व को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी जागरूकता का परिणाम रहा कि ग्रामीणों ने खुद रेस्क्यू करने की बजाय समय पर विभाग को सूचना दी। इससे न केवल जंगली सूअरों की जान बची, बल्कि किसी मानव को भी नुकसान नहीं हुआ। (Wild Boar Rescue Korba) इस बात का प्रमाण है कि जागरूकता और त्वरित सूचना कितनी महत्वपूर्ण होती है।
रेस्क्यू में आई चुनौतियां
सूअरों को कुएं से बाहर निकालने के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। रस्सी से उन्हें सुरक्षित तरीके से फंसाना और बाहर निकालना जोखिम भरा था। इसके बावजूद वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के सहयोग से यह अभियान सफल रहा। ग्रामीणों ने बताया कि गांव से सटा जंगल होने के कारण जंगली सूअर अक्सर बस्ती की ओर आ जाते हैं, ऐसे में भविष्य में भी सतर्कता बेहद जरूरी है। (Wild Boar Rescue Korba) ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सामूहिक प्रयास से बड़ी से बड़ी चुनौती को भी पार किया जा सकता है।


