सीजी भास्कर, 18 मार्च। भिलाई में अखिल भारतीय उत्कृष्ट बहुउद्देशीय संस्था द्वारा आयोजित (Women Empowerment) अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और तीन माह के सिलाई–कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह उत्साह और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और समाज में उनकी भूमिका को मजबूत करना था। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया, जिसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
समारोह की मुख्य अतिथि समाजसेविका विनीता पांडे ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में महिलाओं का शिक्षित और हुनरमंद होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं शिक्षा और कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भर बनती हैं तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं। उन्होंने महिलाओं को आगे बढ़कर अपने अधिकारों और अवसरों का लाभ उठाने की अपील की और इसे महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) की दिशा में बड़ा कदम बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिक्षाविद् डॉ. डी.एन. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि श्रमिक क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों में अक्सर गरीबी और बीमारी का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि पुरुषों द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन के कारण कई परिवार सामाजिक और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में महिलाओं को घर और समाज दोनों स्तर पर नशे के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए, जिससे महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके।
स्वरूपानंद महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और नई पीढ़ी को बेहतर संस्कार देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं जागरूक और आत्मनिर्भर बनती हैं तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है और यही महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) का वास्तविक स्वरूप है।
संस्था की अध्यक्ष शानू मोहनन ने कार्यक्रम के दौरान संस्था की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा श्रमिक क्षेत्रों में महिलाओं के लिए विभिन्न खेलकूद और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के साथ तीन माह का सिलाई–कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं को कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था, जो महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
इस अवसर पर सिलाई–कढ़ाई प्रशिक्षण से जुड़े प्रशिक्षकों और सहयोगियों का सम्मान भी किया गया। प्रशिक्षक पुष्पा चौहान, संगीता, पूजा गुप्ता, खुशबू सिंह और मैमून निशा के साथ संयोजिका सोनम गुप्ता और समाजसेवी गायत्री सिंह को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। भारतीय परिधान स्पर्धा में प्रतिभा सिंह, सृष्टि गुप्ता और शिल्पा देवी को क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार मिला। खेलकूद प्रतियोगिताओं में दौड़ में पल्लवी शोभा और सिम्मी, सुई–धागा दौड़ में सुजाता सिंह, सृष्टि, शीतल साहू और रिंकी साहू को पुरस्कृत किया गया। वहीं चम्मच दौड़ में प्रतिभा सिंह, राजेश्वरी और रिंकू साहू को तथा कुर्सी दौड़ में सितारा बेगम, काजल यादव और भारती को पुरस्कार प्रदान किए गए।
सभी प्रशिक्षणार्थियों को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान संगीत शिक्षिका नीलांजना और ड्राइंग शिक्षक राजेश बसक के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह को और भी रंगीन बना दिया। इस पूरे आयोजन को महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना गया।
समारोह में अभिलाषा सिंह, राधा, अल्पना विजय, संजू साहू, किरण, गायत्री वर्मा, प्रेमा दुबे, रीता, सुनीता साहू, विद्या दुबे, अर्चना दुबे और अभिषेक गुप्ता सहित कई लोग विशेष रूप से उपस्थित रहे।





