नवा रायपुर में कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू हुई है। यहां सेक्टर-16 में Working Women Hostel परियोजना के तहत एक आधुनिक हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है। इस हॉस्टल में एक साथ करीब 1000 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए यह सुविधा खास तौर पर राहत देने वाली मानी जा रही है।
करीब 109 करोड़ की लागत से तैयार होगा प्रोजेक्ट
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 109 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। निर्माण कार्य निजी एजेंसी को सौंपा गया है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार यह योजना नवा रायपुर में विकसित हो रहे Urban Housing Project के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराना है।
दो सात मंजिला इमारतों में विकसित होगा पूरा परिसर
परियोजना के तहत परिसर में दो अलग-अलग सात मंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा। एक इमारत में सिंगल और डबल बेड वाले कमरे होंगे, जबकि दूसरी इमारत में डोरमेट्री सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके अलावा रहने वाली महिलाओं के लिए भोजन की व्यवस्था भी परिसर में ही उपलब्ध होगी। इस तरह पूरा ढांचा एक आधुनिक Women Hostel Facility के रूप में तैयार किया जा रहा है, ताकि बाहर से आने वाली महिलाओं को एक ही जगह पर सभी जरूरी सुविधाएं मिल सकें।
आईटी और निजी क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं को राहत
राजधानी रायपुर और नवा रायपुर में आईटी, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य और निजी कंपनियों में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं। लेकिन सुरक्षित और सस्ती रहने की सुविधा की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। हॉस्टल बनने के बाद दूसरे शहरों से आने वाली महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल Women Safety Infrastructure को मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम साबित होगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा हॉस्टल परिसर
इस हॉस्टल परिसर को पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। यहां कॉमन रूम, लाइब्रेरी, जिम, इनडोर गेम्स और मल्टीपरपज हॉल जैसी व्यवस्थाएं होंगी। इसके अलावा पार्किंग, लिफ्ट, पावर बैकअप और स्वच्छ पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इस तरह का ढांचा कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और आरामदायक वातावरण देने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।
सुरक्षा के लिए 24 घंटे निगरानी व्यवस्था
परिसर में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। साथ ही सीसीटीवी कैमरे और बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे हॉस्टल में आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा सके। अधिकारियों के अनुसार आधुनिक तकनीक की मदद से पूरे परिसर को सुरक्षित बनाया जाएगा, ताकि वहां रहने वाली महिलाओं को भरोसेमंद माहौल मिल सके।
रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
इस परियोजना के निर्माण से स्थानीय स्तर पर श्रमिकों और तकनीकी कर्मचारियों को रोजगार मिल रहा है। वहीं हॉस्टल शुरू होने के बाद प्रबंधन, सुरक्षा, हाउसकीपिंग और खानपान से जुड़े कई नए रोजगार भी पैदा होंगे। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की सुविधाएं विकसित होने से नवा रायपुर में निवेश और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।





