सीजी भास्कर, 9 सितंबर। आगामी वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप(World Para Athletics Championship) भारत के लिए ऐतिहासिक बनने जा रही है। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 27 सितंबर से 5 अक्टूबर तक होने वाले इस आयोजन में भारत का अब तक का सबसे बड़ा दल हिस्सा लेगा। इस बार 35 भारतीय एथलीट पहली बार विश्व मंच पर उतरेंगे और देश के लिए पदक जीतने का प्रयास करेंगे।
इन खिलाड़ियों में सबसे खास नाम भाला फेंक एथलीट महेंद्र गुर्जर का है। गुर्जर ने इस साल स्विट्जरलैंड के नोटविल ग्रां प्री में पुरुष एफ42 श्रेणी में 61.17 मीटर का भाला फेंककर वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया था। फिलहाल पटियाला में ट्रेनिंग कर रहे गुर्जर अपनी पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतकर भारत को गौरवान्वित करने के लिए तैयार हैं।
गुर्जर का कहना है कि यह चैंपियनशिप केवल पदकों की लड़ाई नहीं है, बल्कि दुनिया को भारतीय पैरा एथलीट्स के जज्बे और मेहनत से परिचित कराने का अवसर भी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रदर्शन युवाओं, खासकर लड़कियों को खेलों की ओर प्रेरित करेगा।
डेब्यू करने वाले भारतीय एथलीट
पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की सूची लंबी और प्रतिभाशाली है। इनमें शामिल हैं:
अतुल कौशिक (चक्का फेंक F57)
प्रवीण (चक्का फेंक F46)
हैनी (चक्का फेंक F37)
मित पटेल (लंबी कूद T44)
मंजीत (भाला फेंक F13)
विशु (लंबी कूद T12)
पुष्पेंद्र सिंह (भाला फेंक F44)
अजय सिंह (लंबी कूद T47)
शुभम जुयाल (गोला फेंक F57)
बीरभद्र सिंह (चक्का फेंक F57)
दयावंती (महिला 400 मीटर T20)
अमीषा रावत (महिला गोला फेंक F46)
आनंदी कुलंथायसामी (क्लब थ्रो F32)
सुचित्रा परिदा (महिला भाला फेंक F56)
पहली बार भारत में होगा आयोजन
यह पहली बार है जब वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन भारत में हो रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में 100 से अधिक देशों से करीब 2200 खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा लेंगे। कुल 186 पदक स्पर्धाएं होंगी, जिनमें भारत की उम्मीदें अपने नए और अनुभवी खिलाड़ियों पर टिकी हैं।
खेल प्रेमियों का मानना है कि यह आयोजन न केवल भारतीय पैरा खिलाड़ियों को नई पहचान देगा, बल्कि देश में पैरा स्पोर्ट्स के प्रति जागरूकता और समर्थन को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा।





