सीजी रायपुर, 05 जनवरी। रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को लेकर फैल रही गलतफहमियों पर स्थिति स्पष्ट (Zero Electricity Bill Solar) की है। कंपनी के मुताबिक, सोलर रूफटॉप संयंत्रों के रखरखाव को लेकर जो आशंकाएं जताई जा रही हैं, वे तथ्यों से परे हैं। वास्तविकता यह है कि 3 किलोवाट क्षमता तक के सोलर रूफटॉप प्लांट में बैटरी लगाने की आवश्यकता ही नहीं होती, जिससे उपभोक्ताओं का अतिरिक्त खर्च पूरी तरह बच जाता है।
ऑन-ग्रिड सिस्टम से बिना बैटरी मिलेगी 300 यूनिट मुफ्त बिजली
विशेषज्ञों के अनुसार, 3 किलोवाट तक के संयंत्र ऑन-ग्रिड सिस्टम पर आधारित होते हैं। इस प्रणाली में बिजली सीधे ग्रिड से जुड़ी रहती है और उपभोक्ता को हर महीने करीब 300 यूनिट निःशुल्क बिजली का लाभ मिलता है। इसी कारण प्रदेश में हजारों लोग इस योजना के जरिए अपना बिजली बिल शून्य करने में सफल हुए हैं।
ज्यादा क्षमता पर भी रखरखाव की चिंता नहीं
यदि उपभोक्ता 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का संयंत्र लगाते हैं या हाइब्रिड सिस्टम चुनते हैं, तो उन्हें आधुनिक लिथियम-आयन बैटरियां उपलब्ध (Zero Electricity Bill Solar) कराई जाती हैं। इन बैटरियों का चार्ज-डिस्चार्ज साइकल लगभग 6000 तक होता है। साथ ही कंपनियां इन पर 5 से 10 वर्ष तक की वारंटी देती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को दीर्घकालिक सुरक्षा मिलती है।
5 साल तक वेंडर करेगा देखरेख
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने वाले वेंडर को कम से कम 5 वर्ष का वार्षिक रखरखाव अनुबंध (AMC) देना अनिवार्य है। इसका मतलब है कि शुरुआती पांच वर्षों तक उपभोक्ता पर रखरखाव का कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।
पैनल की सफाई भी आसान
सोलर पैनल की सफाई को लेकर भी भ्रम की स्थिति है। कंपनी ने साफ किया कि इसके लिए किसी विशेष तकनीक या महंगे उपकरण की जरूरत नहीं होती। सामान्य धूल जमने पर साधारण पानी से सफाई करना ही पर्याप्त है। उत्पादन में मामूली कमी आना सामान्य प्रक्रिया है, जिसे बड़ी तकनीकी खराबी या भारी खर्च बताना गलत है।
नई योजना, पुराने उदाहरण भ्रामक
कुछ लोग वर्ष 2019 के पुराने मामलों का हवाला देकर मौजूदा योजना पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को 13 फरवरी 2024 से नए और सख्त तकनीकी मानकों के साथ लागू (Zero Electricity Bill Solar) किया गया है। ऐसे में पुराने और अप्रचलित उदाहरणों के आधार पर वर्तमान योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना पूरी तरह भ्रामक है।
सब्सिडी और सस्ता लोन बना रहा योजना को फायदेमंद
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी तथा बैंकों से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध ऋण के कारण सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाना अब आम उपभोक्ताओं के लिए भी किफायती हो गया है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना स्वच्छ ऊर्जा, आसान रखरखाव और शून्य बिजली बिल के साथ उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने वाली एक भरोसेमंद पहल बनकर सामने आई है।


