रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में जंगली हाथियों का आतंक जारी है। हाथियों के दल रात के समय जंगल से निकलकर खेतों में पहुंच रहे हैं और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रविवार रात धरमजयगढ़, छाल और कापू रेंज के अलग-अलग गांवों में हाथियों ने 14 किसानों की फसलें बर्बाद कर दीं। लगातार हो रहे नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
धरमजयगढ़ रेंज के कई गांवों में फसलों को नुकसान
जानकारी के अनुसार, धरमजयगढ़ रेंज के खलबोरो गांव में राधाबाई की फसल को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया। वहीं, आमापाली और आमगांव में सात किसानों की फसलें बर्बाद हुईं। प्रभावित किसानों में सनतराम, हंसाराम, श्रवण नायक, मंगतू, विजय और संतराम सहित अन्य शामिल हैं। इसके अलावा भंवरखोल में योगेश की फसल को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया।
छाल और कापू रेंज में भी हाथियों की आवाजाही
छाल रेंज के कंसाबहार गांव में उमाशंकर जांगड़े और बोजिया में पीतांबर की फसल को हाथियों ने रौंद दिया। वहीं, कापू रेंज के सोनाजोरी और कमरई गांवों में धनसाय, टीबू और परसराम की फसलों को नुकसान पहुंचा है। रात में खेतों तक हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों और किसानों की परेशानी बढ़ रही है।
जिले में 85 हाथी, वन विभाग कर रहा निगरानी
वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रायगढ़ जिले में फिलहाल 85 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें 28 नर, 31 मादा और 26 शावक शामिल हैं। धरमजयगढ़ वन मंडल में 77 हाथी हैं, जिनमें 26 नर, 29 मादा और 22 शावक शामिल हैं। वहीं, रायगढ़ वन मंडल में आठ हाथियों की मौजूदगी है, जिनमें दो नर, दो मादा और चार शावक हैं।
हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग और हाथी मित्र दल की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं। ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए गांवों में मुनादी भी कराई जा रही है। वन विभाग ने लोगों को हाथियों की आवाजाही के दौरान जंगल और खेतों की ओर जाने से बचने की सलाह दी है, ताकि किसी अप्रिय घटना और जनहानि को रोका जा सके।



