रायपुर के कालीबाड़ी स्थित मातृ-शिशु अस्पताल में मरीजों की देखभाल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में सुरक्षा गार्ड गर्भवती महिलाओं के पास ड्रिप संभालते और कैनुला की कैपिंग करते नजर आ रहा है। घटना के दौरान अस्पताल में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की मौजूदगी की बात सामने आई है।
गार्ड नागेश्वर प्रसाद कश्यप ने बताया कि उसने किसी मरीज को कैनुला नहीं लगाया था। उसके मुताबिक, नर्सिंग स्टाफ मरीजों की देखभाल में व्यस्त था और नर्स के कहने पर उसने केवल ड्रिप की कैपिंग में मदद की थी।
एक दिन में हुए 12 ऑपरेशन, स्टाफ पर था मरीजों का दबाव
जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो 25 सितंबर की शाम का बताया जा रहा है। उस दिन अस्पताल में 12 सीजर ऑपरेशन हुए थे। नर्सिंग स्टाफ मरीजों की देखभाल में व्यस्त था। स्टाफ नर्स वर्षा यादव के मुताबिक, सभी मरीजों की ड्रिप मैनेज कर दी गई थी।
नर्स ने बताया कि एक मरीज की ड्रिप खत्म हो गई थी और वह लगातार इसकी जानकारी दे रही थी। उसी समय स्टाफ एक गंभीर मरीज की देखभाल में व्यस्त था। दूसरी शिफ्ट में दो स्टाफ नर्स 50 से अधिक मरीजों की देखभाल कर रही थीं। इसी दौरान नर्स के कहने पर गार्ड ने ड्रिप की कैपिंग में मदद की।
डॉक्टर ने गार्ड से नर्सिंग कार्य कराने को बताया गलत
डॉ. भेनुज सिन्हा के मुताबिक, मरीजों को ड्रिप लगाना, कैनुला लगाना या निकालना और उससे जुड़ी प्रक्रिया स्टाफ नर्स की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने वीडियो में गार्ड के कैपिंग करने को गलत बताया है।
डॉक्टर ने कहा कि मामले में संबंधित स्टाफ को नोटिस दिया जाएगा और अस्पताल की प्रभारी सिस्टर को भी हिदायत दी जाएगी। भविष्य में ऐसी घटना दोबारा होने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ड्यूटी रोस्टर और अस्पताल की व्यवस्था की होगी जांच
अस्पताल में डॉक्टरों की ड्यूटी का रोस्टर निर्धारित है और ऑपरेशन के बाद पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड में डॉक्टर समय-समय पर मरीजों का राउंड लेते हैं। हालांकि, मरीजों की नर्सिंग प्रक्रिया स्टाफ नर्स को ही करनी चाहिए।
अधिकारियों के मुताबिक, गार्ड द्वारा कैनुला की कैपिंग किए जाने की जानकारी वीडियो के माध्यम से सामने आई है। मामले में अस्पताल की व्यवस्था, ड्यूटी और संबंधित स्टाफ की भूमिका की जांच की जा रही है।



