CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » 411 करोड़ का CGMSC घोटाला: हाईकोर्ट ने आरोपी की बेल ठुकराई, कहा- जमानत से बढ़ेगा भ्रष्टाचार

411 करोड़ का CGMSC घोटाला: हाईकोर्ट ने आरोपी की बेल ठुकराई, कहा- जमानत से बढ़ेगा भ्रष्टाचार

By Newsdesk Admin
20/06/2025
Share

सीजी भास्कर, 20 जून |

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की हमर लैब योजना में हुए 411 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी कारोबारी की जमानत अर्जी को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह संगठित आर्थिक अपराध है, जिससे राज्य सरकार को 411 करोड़ रुपए के नुकसान होने की आशंका है।

आरोपी मोक्षित कंपनी के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा ने बंद सिस्टम वाले उपकरण सप्लाई कर एकाधिकार बनाया। उसे जमानत देने से भ्रष्टाचार को प्रोत्साहन मिलेगा और समाज में गलत संदेश जाएगा।

मेडिकल उपकरणों और रीएजेंट की खरीदी

दरअसल, साल 2021 में स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में हमर लैब योजना शुरू की थी, जिसके तहत मेडिकल उपकरणों और रीएजेंट की भारी मात्रा में खरीदी की। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बिना बजट और प्रशासनिक स्वीकृति के उपकरणों की अनावश्यक खरीद की।

जब यह घोटाला सामने आया, तब इसकी जांच कराई गई, जिसमें गड़बड़ी करने के कई गंभीर आरोप लगे। जिसके बाद इस मामले की जांच का जिम्मा एसीबी को दिया गया। एसीबी ने मामला दर्ज किया और छापेमारी की।

कई गुना अधिक दर पर खरीदे गए उपकरण

FIR के अनुसार सप्लाई करने वाली कंपनियों में मोक्षित कॉर्पोरेशन, सीबी कॉर्पोरेशन, मेडिकेयर सिस्टम, श्री शारदा इंडस्ट्रीज को अनुचित लाभ पहुंचाने उपकरण और रीजेंट वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक दर पर खरीदे गए।

मनमाने कीमतों पर की गई खरीदी

गड़बड़ी में EDTA ट्यूब 2352 रुपए पर खरीदी गई। जबकि ये मार्केट में 8.50 रुपए में उपलब्ध था। इसी तरह CBC मशीनें जो खुले बाजार में 5 लाख रुपए में उपलब्ध थीं, वह 17 लाख रुपए में खरीदी गई।

मोक्षित कॉर्पोरेशन को मिला था टेंडर

सामान सप्लाई का टेंडर मोक्षित कॉर्पोरेशन को मिला था। फर्म को मशीनों और रीजेंट की सप्लाई का टेंडर मिला था। जांच कर रही एजेंसी का कहना है कि आरोपी शशांक चोपड़ा ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर निविदा शर्तों में हेरफेर कर मनचाही कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया।

आरोपी ने अपने रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर कई फर्जी कंपनियां बनाकर 150 करोड़ के फर्जी बिल बनाए। साथ ही, क्लोज सिस्टम वाली मशीनों की सप्लाई कर यह सुनिश्चित किया गया कि भविष्य में केवल उन्हीं की कंपनी से रीएजेंट की सप्लाई की जा सके।

मोक्षित कंपनी के डायरेक्टर ने लगाई जमानत अर्जी

एसीबी ने इस मामले की जांच के दौरान छापेमारी की। जिसके बाद मोक्षित कंपनी के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार किया गया। शशांक चोपड़ा ने पहले एसीबी की ट्रॉयल कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी, जिसके खारिज होने के बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की, जिसमें बताया गया कि इस केस में उन्हें षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। लिहाजा जमानत दी जाए।

राज्य सरकार ने कहा- गंभीर अपराध

राज्य सरकार की तरफ से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि यह गंभीर और सुनियोजित आर्थिक अपराध है, जिसमें सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी मास्टरमाइंड है, जिसने निविदा प्रक्रिया को प्रभावित कर नियमों के खिलाफ अपने पक्ष में एग्रीमेंट करा लिया था।

अभी तक मामले में शामिल रहे कई सरकारी अधिकारियों की गिरफ्तारी होनी बाकी है। आरोपी को जमानत मिलने से सबूतों के साथ छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका बनी रहेगी।

हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी के साथ खारिज की जमानत अर्जी

हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि, यह न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि समाज के खिलाफ एक गंभीर अपराध भी है। अगर इस स्तर पर जमानत दी गई, तो यह भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला संदेश होगा।

आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सह आरोपी राजेश गुप्ता की गिरफ्तारी पर रोक का हवाला देते हुए समानता के आधार पर जमानत मांगी थी। लेकिन, हाईकोर्ट ने कहा कि चोपड़ा की भूमिका मुख्य आरोपित की है और वह इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है।

इंस्टा LIVE पर कहा ‘जंगल में ढूंढ़ लेना’, फिर फंदे से झूल गया कबड्डी प्लेयर; शव अब तक नहीं मिला..
Chief Minister Vishnu Deo Sai : किसान परिवार से सर्वोच्च नेतृत्व तक, सादगी, सुशासन और जनकल्याण से सीएम साय ने गढ़ी अलग पहचान
Illegal Coal Mining Action in Surajpur : प्रशासन का शिकंजा, 5 टन कोयला जब्त
The government reached the doorstep of the people : तेज धूप में गांव-गांव पहुंचे मुख्यमंत्री, योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी
वर्शिप एक्ट को लेकर SC में एक और याचिका दाखिल, CJI बोले- हम नहीं सुनेंगे पर…
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

Tiger Reserve
Tiger Reserve : जंगल से आई खुशखबरी ने बढ़ाई उम्मीद, कैमरे में कैद हुआ ऐसा दुर्लभ नजारा जिसने चौंकाया

रिपोर्टर : आशुतोष सिंह ठाकुर सीजी भास्कर, 29…

Kabir Jayanti : कबीर जयंती पर दो जिलों में रहेंगे मुख्यमंत्री, आज किन कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

सीजी भास्कर, 29 जून। कबीर जयंती के अवसर…

Congress Training : कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर का आज आखिरी दिन, जिला अध्यक्षों को मिलेंगे आगे की तैयारी के खास मंत्र

सीजी भास्कर, 29 जून। प्रदेश में कांग्रेस के…

Chhattisgarh Education
Chhattisgarh Education : बच्चों की दुनिया को मिलेगी नई आवाज, आज होगा खास काव्य संग्रह का विमोचन

सीजी भास्कर, 29 जून। राजधानी में आज शिक्षा…

Raipur Demolition : विधायक कॉलोनी की तैयारी में चली बड़ी कार्रवाई, घर टूटने के बाद गांव में क्यों बढ़ गया विरोध

सीजी भास्कर, 29 जून। राजधानी के नकटी गांव…

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?