सीजी भास्कर, 15 जून। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों वेतन संशोधन को लेकर चर्चाएं तेज (8th Pay Commission) हो गई हैं। अलग अलग कर्मचारी संगठनों में बैठकों का दौर चल रहा है और लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आने वाले समय में वेतन और भत्तों में कितना बदलाव देखने को मिल सकता है। आयोग की गतिविधियों में तेजी आने के बाद उम्मीदों का माहौल और मजबूत हुआ है।
सरकारी कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा संभावित वेतन वृद्धि को लेकर है। कई संगठन अपनी मांगों को लेकर सक्रिय हैं और आयोग के सामने सुझाव रख रहे हैं। ऐसे में लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर अब आयोग की अगली प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
सुझाव भेजने की प्रक्रिया हुई पूरी : 8th Pay Commission
वेतन एवं भत्तों में संशोधन के लिए गठित आयोग को कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और विभिन्न स्टाफ संगठनों से लगातार सुझाव प्राप्त हुए हैं। आयोग द्वारा जारी मेमोरेंडम पर प्रतिक्रिया और सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 तय की गई थी। कर्मचारी संगठनों की मांग पर समय सीमा बढ़ाई गई थी ताकि अधिक से अधिक पक्ष अपनी बात आयोग तक पहुंचा सकें। अब सुझावों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर हितधारकों के साथ चर्चा करेगा।
कई राज्यों में होंगी अहम बैठकें
आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 22 और 23 जून को लखनऊ में बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद 6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर तथा 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में कर्मचारी संगठनों और संबंधित पक्षों के साथ विचार विमर्श होगा। इससे पहले मई 2026 में राजधानी नई दिल्ली में भी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा चुकी है, जिसमें कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। बाद में अक्टूबर 2025 में इसके कार्यक्षेत्र को स्वीकृति मिली और नवंबर 2025 में आयोग का औपचारिक गठन किया गया। निर्धारित समयसीमा के अनुसार आयोग को मई 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी (8th Pay Commission) है। हालांकि पिछली प्रक्रियाओं को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि सिफारिशों को पूरी तरह लागू होने में अतिरिक्त समय लग सकता है।
एरियर को लेकर भी उम्मीद
यदि आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं तो कर्मचारियों को पूर्व प्रभाव से लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि लागू होने की स्थिति में 1 जनवरी 2026 से एरियर का फायदा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिल सकता है। यही कारण है कि कर्मचारी संगठनों की नजर केवल वेतन वृद्धि पर नहीं बल्कि संभावित एरियर भुगतान पर भी बनी हुई है।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी नजर
वेतन वृद्धि का सबसे अहम आधार फिटमेंट फैक्टर माना जाता है। कर्मचारी संगठनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग रखी है। इससे पहले छठे वेतन आयोग में 1.86 और सातवें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था।
कई कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष यह मांग रखते हुए कहा है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए बेहतर फिटमेंट फैक्टर की जरूरत है। हालांकि अंतिम निर्णय सभी पक्षों से विचार विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
वेतन में बड़े बदलाव की संभावना
यदि कर्मचारियों की मांग के अनुरूप 3.83 फिटमेंट फैक्टर स्वीकार किया जाता है तो विभिन्न वेतन स्तरों पर बेसिक सैलरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। न्यूनतम वेतन पाने वाले कर्मचारियों की मौजूदा 18 हजार रुपये बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 69 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। इसी तरह विभिन्न उच्च वेतन स्तरों पर भी वेतन में बड़ा इजाफा संभव माना (8th Pay Commission) जा रहा है। हालांकि यह आंकड़े कर्मचारी संगठनों की मांग और संभावित गणनाओं पर आधारित हैं। अंतिम वेतन वृद्धि आयोग की सिफारिशों और सरकार के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।





