सीजी भास्कर, 13 जून। राजधानी के इंडोर स्टेडियम में शनिवार को आयोजित प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में बड़ी संख्या में एनएचएम (NHM Employees) कर्मचारी जुटे। कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार की ओर से क्या फैसला होगा, इसे लेकर कर्मचारियों के बीच लगातार चर्चा बनी रही।
- ग्रेड पे के लिए बनेगी समिति : NHM Employees
- लंबित वेतन वृद्धि और मेडिकल अवकाश
- बीमा और शिक्षा सहायता की घोषणा
- स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान की सराहना
- रुका वेतन देने का ऐलान
- कोरोना काल की सेवाओं को किया याद
- स्वास्थ्य मंत्री की प्रमुख घोषणाएं
- ग्रेड पे के लिए समिति का गठन
- कार्य मूल्यांकन में दावा आपत्ति का प्रावधान
- 27 प्रतिशत लंबित वेतन वृद्धि
- 30 दिन का मेडिकल अवकाश
- स्थानांतरण नीति लागू
- सभी कर्मचारियों के लिए बीमा सुविधा
- निधन की स्थिति में 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक सहायता
- बच्चों की शिक्षा के लिए 5 लाख रुपये तक की व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान जब सरकार की ओर से एक के बाद एक घोषणाएं की गईं तो मौजूद कर्मचारियों ने उसका स्वागत किया। हड़ताल के दौरान रुके वेतन से लेकर वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं को लेकर किए गए ऐलानों ने कर्मचारियों में नई उम्मीद जगा दी। सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल मौजूद रहे।
प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार सकारात्मक कदम उठा रही है।
ग्रेड पे के लिए बनेगी समिति : NHM Employees
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ग्रेड पे से जुड़े मामलों के अध्ययन और समाधान के लिए एक समिति का गठन किया गया है। इसके अलावा कार्य मूल्यांकन प्रक्रिया में दावा और आपत्ति दर्ज कराने का प्रावधान भी जोड़ा गया है, ताकि कर्मचारियों को अपनी बात रखने का अवसर मिल सके।
लंबित वेतन वृद्धि और मेडिकल अवकाश
सम्मेलन में मंत्री ने घोषणा की कि कर्मचारियों को 27 प्रतिशत लंबित वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही 30 दिन का मेडिकल अवकाश भी स्वीकृत किया गया है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण नीति लागू कर दी गई है। इससे लंबे समय से लंबित ट्रांसफर संबंधी समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी।
बीमा और शिक्षा सहायता की घोषणा
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्रदेश के सभी एनएचएम कर्मचारियों को बीमा सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। किसी कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार को 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए 5 लाख रुपये तक की सहायता देने की व्यवस्था (NHM Employees) भी की गई है। इन घोषणाओं को कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान की सराहना
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों की तुलना में स्वास्थ्य व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में इन कर्मचारियों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
रुका वेतन देने का ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार उनकी भावनाओं और समस्याओं को समझती है। उन्होंने हड़ताल के दौरान रुके हुए वेतन का भुगतान किए जाने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी विषम परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं और जनता को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। सरकार उनके साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
कोरोना काल की सेवाओं को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान एनएचएम कर्मियों ने जिस समर्पण के साथ काम किया, उसे भुलाया नहीं जा सकता। कठिन हालात में भी कर्मचारियों ने लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने (NHM Employees) का काम किया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है और इसमें एनएचएम कर्मचारियों की भूमिका बेहद अहम रही है।
स्वास्थ्य मंत्री की प्रमुख घोषणाएं
ग्रेड पे के लिए समिति का गठन
कार्य मूल्यांकन में दावा आपत्ति का प्रावधान
27 प्रतिशत लंबित वेतन वृद्धि
30 दिन का मेडिकल अवकाश
स्थानांतरण नीति लागू
सभी कर्मचारियों के लिए बीमा सुविधा
निधन की स्थिति में 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक सहायता
बच्चों की शिक्षा के लिए 5 लाख रुपये तक की व्यवस्था
सरकार की इन घोषणाओं के बाद सम्मेलन में मौजूद कर्मचारियों ने खुशी जताई और इसे लंबे समय से लंबित मांगों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।




