सीजी भास्कर, 31 जुलाई। Saudi Security Alliance के तहत सऊदी अरब ने 14 देशों के नए समुद्री सुरक्षा गठबंधन का ऐलान किया है। इस पहल का उद्देश्य लाल सागर, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट और अदन की खाड़ी जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों पर सुरक्षा मजबूत करना और वैश्विक व्यापार व ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखना है।
हालांकि इस गठबंधन में ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की गैरमौजूदगी ने क्षेत्रीय रणनीति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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समुद्री सुरक्षा को मिलेगा नया ढांचा Saudi Security Alliance
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि नया गठबंधन सामूहिक समुद्री सुरक्षा सहयोग के लिए साझा मंच के रूप में काम करेगा। इसमें शामिल देश रणनीतिक समुद्री मार्गों पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मिलकर प्रयास करेंगे।
इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को किसी भी बाधा से बचाना भी है।
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वैश्विक व्यापार पर रहेगा फोकस
लाल सागर, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट और अदन की खाड़ी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल हैं। इन रास्तों से बड़ी मात्रा में तेल और अन्य जरूरी सामान की आवाजाही होती है।
गठबंधन इन समुद्री मार्गों की सुरक्षा बढ़ाकर वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।
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ओमान और यूएई की गैरमौजूदगी चर्चा में
14 देशों के इस नए गठबंधन में ओमान और यूएई का शामिल नहीं होना चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि सऊदी अरब की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों की अनुपस्थिति को लेकर आने वाले समय में और स्पष्टता सामने आ सकती है।



