सीजी भास्कर 19 अप्रैल
लोरमी क्षेत्र में बढ़ती गर्मी का असर अब जल स्रोतों पर साफ नजर आने लगा है। खपरीकला क्षेत्र की आगर नदी पूरी तरह सूख चुकी है, जिससे आसपास के गांवों में पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों और मवेशियों के लिए निस्तारी का संकट दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।
जल स्रोतों पर पड़ा असर
तेज गर्मी के चलते कई हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला गया है, जबकि तालाबों का पानी भी तेजी से घट रहा है। नदी सूखने से सहसपुर भांटा, साल्हेघोरी, रैतरा, सेमरकोना और बेलसरी जैसे गांवों में हालात चिंताजनक हो गए हैं।
नदी में बचा पानी भी उपयोग योग्य नहीं
खपरीकला में पुल के पास थोड़ा बहुत पानी बचा हुआ है, जिसमें मछुआरे मछली पकड़ रहे हैं, लेकिन यह पानी निस्तारी के योग्य नहीं रह गया है। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
जलाशय से पानी छोड़ने की मांग
ग्रामीणों ने स्थिति को देखते हुए आगर नदी में खुड़िया जलाशय से पानी छोड़े जाने की मांग की है। पूर्व में भी नहरों के माध्यम से जलाशय का पानी नदी में छोड़ा जाता रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो जल संकट और गंभीर हो सकता है।


