सीजी भास्कर 19 अप्रैल
छुईखदान क्षेत्र में जमीन नापने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचने से बच रहे हैं और अपने स्थान पर निजी लोगों से माप-जोख करवा रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
मौके पर नहीं पहुंच रहे अधिकारी
ग्रामीणों का आरोप है कि भीषण गर्मी के कारण पटवारी और राजस्व निरीक्षक खेतों तक जाने से बच रहे हैं। इसके बजाय वे अपने निजी लोगों को भेजकर जमीन नापने का काम करवा रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।
लेन-देन में पारदर्शिता पर सवाल
किसानों का कहना है कि जमीन मापने से जुड़े मामलों में पैसों का लेन-देन सीधे तौर पर नहीं किया जाता, बल्कि नौकरों के माध्यम से कराया जाता है। इससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं और लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
जांच की मांग, प्रशासन का जवाब
स्थानीय लोगों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और जमीन नापने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है। इस संबंध में तहसीलदार ने कहा है कि अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।


