सीजी भास्कर, 19 अप्रैल : सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट (Vedanta Boiler Accident Investigation) में हुए भीषण बॉयलर हादसे की जांच अब तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल पावर रिसर्च सेंटर (सीपीआरसी) की टीम जांच के लिए प्लांट पहुंची। ज्वाइंट डायरेक्टर प्रफुल्ल चंद्र डोंगरे के नेतृत्व में पहुंची इस टीम ने सुबह से लेकर देर शाम तक प्लांट परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी पहलुओं की गहन पड़ताल की। टीम ने दुर्घटनास्थल का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए पाइपलाइन, मशीनरी और उत्पादन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की। इस दौरान जांच टीम ने मेंटेनेंस और प्रोडक्शन से संबंधित पुराने डेटा को भी खंगाला, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
गौरतलब है कि 14 अप्रैल को वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर पाइप फटने से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 35 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। इनमें से अब तक 23 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनभर से अधिक घायल मजदूरों का इलाज खरसिया, रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में जारी है। घायलों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्र स्तर पर भी जांच समिति का गठन किया गया है। शनिवार 18 अप्रैल को केंद्रीय टीम के साथ आधा दर्जन से अधिक अधिकारी प्लांट पहुंचे और करीब सुबह 10 बजे से जांच शुरू की। पूरे दिन चली इस कार्रवाई (Vedanta Boiler Accident Investigation) के दौरान अधिकारियों ने प्लांट परिसर में रहकर एक-एक पहलू का गहन निरीक्षण किया और आवश्यक दस्तावेज भी एकत्रित किए।
जांच टीम में ज्वाइंट डायरेक्टर के साथ क्वालिटी एंड लैब के जनरल मैनेजर डीपी अन्तपुरकर, मड़वा पावर प्लांट के एडिशनल चीफ इंजीनियर आलोक लकड़ा सहित कई तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे। निरीक्षण के दौरान जिले के कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और एडिशनल कलेक्टर वीरेन्द्र लकड़ा भी मौके पर मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी। अधिकारियों ने बताया कि जांच टीम (Vedanta Boiler Accident Investigation) तकनीकी खामियों, मेंटेनेंस में संभावित लापरवाही और सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति की गहराई से जांच कर रही है।
प्लांट की पाइपलाइन, मशीनरी और अन्य तकनीकी पहलुओं का बारीकी से परीक्षण किया गया। सुबह से शुरू हुई यह जांच प्रक्रिया शाम करीब 7 बजे तक चली। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी सक्ती के लिए रवाना हो गए, जबकि कुछ विशेषज्ञ प्लांट में ही रुककर आवश्यक डेटा एकत्र करने में जुटे रहे। बताया जा रहा है कि एकत्रित तकनीकी आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने बताया कि केंद्रीय स्तर से गठित जांच समिति सुबह ही प्लांट पहुंच गई थी और उन्होंने स्वयं भी निरीक्षण के दौरान टीम के साथ समय बिताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों, मेंटेनेंस व्यवस्था और तकनीकी प्रणाली की गहन समीक्षा की जा रही है। जांच टीम (Vedanta Boiler Accident Investigation) रविवार को लौटेगी, जिसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित विभागों को सौंपी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि रिपोर्ट के बाद हादसे के वास्तविक कारण सामने आएंगे और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।


