सीजी भास्कर, 05 जून। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और कई अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर मजबूती का परिचय (GDP Growth) दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 के ताजा आंकड़ों ने संकेत दिया है कि देश की विकास रफ्तार अपेक्षा से बेहतर रही है। आंकड़े सामने आने के बाद आर्थिक क्षेत्र में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू मांग, निवेश में बढ़ोतरी और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन ने अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चौथी तिमाही के आंकड़ों ने भी विकास की रफ्तार को लेकर भरोसा बढ़ाया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत रही वृद्धि : GDP Growth
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह पहले लगाए गए अनुमान से बेहतर मानी जा रही है।
चौथी तिमाही में भी दिखी मजबूती
जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। हालांकि यह पिछली तिमाही के 8 प्रतिशत से थोड़ा कम है, लेकिन अनुमान से बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।
सकल मूल्य वर्धन में भी बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान वास्तविक सकल मूल्य वर्धन में 7.9 प्रतिशत और नाममात्र सकल मूल्य वर्धन में 9.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह उत्पादन और सेवाओं में बढ़ती गतिविधियों का संकेत माना जा रहा है।
उद्योग और सेवा क्षेत्र ने दिया बड़ा योगदान
विनिर्माण, व्यापार, होटल, परिवहन, संचार, भंडारण, वित्तीय सेवाओं और रियल एस्टेट क्षेत्रों में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। इन क्षेत्रों ने आर्थिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाई।
निवेश और खपत में आई तेजी
निजी उपभोग व्यय और पूंजीगत निवेश दोनों में 7.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज (GDP Growth) की गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि देश में मांग और निवेश दोनों मजबूत बने हुए हैं।
नई आधार वर्ष श्रृंखला पर तैयार हुए आंकड़े
मंत्रालय ने बताया कि यह अनुमान नई श्रृंखला के आधार पर तैयार किए गए हैं, जिसमें आधार वर्ष को बदलकर 2022-23 कर दिया गया है। इससे अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति का अधिक सटीक आकलन संभव हुआ है।
आगे के लिए सकारात्मक संकेत
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि चौथी तिमाही की मजबूत वृद्धि दर आने वाले समय में औद्योगिक उत्पादन, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत (GDP Growth) दे रही है। इससे भारत की आर्थिक गति आगे भी मजबूत बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है।




