सीजी भास्कर, 20 अप्रैल : ‘जल ही जीवन है’ यह सूक्ति आज भिलाई में भू-माफियाओं के लालच की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। भिलाई के जुनवानी रोड कोहका स्थित ऐतिहासिक रानी अवंती बाई सरोवर पर वर्तमान में अवैध भूमि कब्जा (Illegal Land Encroachment) का काला साया मंडरा रहा है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने इस संवेदनशील मुद्दे को उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है। उन्होंने सरोवर के अस्तित्व को बचाने और तालाब की जमीन पर किए जा रहे निजी दावों की उच्च स्तरीय प्रशासनिक जांच कराने की पुरजोर मांग की है।
बिल्डरों की ‘निजी जमीन’ का खेल और अदालती दांवपेच
अक्सर देखा गया है कि जल निकायों को पहले ‘निजबारी’ या ‘निजी जमीन’ घोषित कराकर उनके अस्तित्व को मिटाने का कुप्रयास किया जाता है। कोहका के इस प्राचीन सरोवर के साथ भी कुछ ऐसा ही खेल खेला जा रहा है। भू-माफियाओं द्वारा अवैध भूमि कब्जा (Illegal Land Encroachment) की नीयत से मामला न्यायालय तक पहुँचाया गया, लेकिन हाल के दिनों में बिल्डरों की बढ़ती सक्रियता ने स्थानीय जनता की चिंता बढ़ा दी है। विधायक रिकेश सेन का मानना है कि जल स्रोतों का संरक्षण केवल विकास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व का सवाल है।
विरासत बचाने की जंग : Illegal Land Encroachment
विधायक रिकेश सेन इस धरोहर को बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं। पूर्व में भी उन्होंने विधानसभा के भीतर शासकीय जमीनों के संरक्षण और अवैध भूमि कब्जा (Illegal Land Encroachment) के खिलाफ आवाज उठाई थी। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने तर्क दिया है कि यदि समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो भू-माफिया इस ऐतिहासिक सरोवर को कंक्रीट के जंगल में तब्दील करने में देर नहीं करेंगे।
परंपरा और भविष्य के अस्तित्व का सवाल
कोहका के बुजुर्गों और स्थानीय निवासियों के लिए रानी अवंती बाई सरोवर केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा है। श्री सेन ने चेतावनी दी है कि यदि आज यह तालाब मिट गया, तो क्षेत्र में भविष्य में जल संकट गहरा सकता है। उन्होंने मांग की है कि तालाब के आस-पास की जमीन का तत्काल सीमांकन कराया जाए और राजस्व रिकॉर्ड की सूक्ष्मता से जांच की जाए ताकि अवैध भूमि कब्जा (Illegal Land Encroachment) करने वालों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके।


