गरियाबंद जिले के अमांड समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह 6 बजे से नेशनल हाईवे 130C पर जुगाड़ के पास चक्काजाम कर दिया। क्षतिग्रस्त रपटा के कारण महीनों से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा।
रपटा टूटने से ठप हुआ आवागमन
दरअसल, अमाड-देवझरामली मार्ग पर स्थित पुराने रपटे को पुलिया निर्माण के लिए तोड़ दिया गया था, लेकिन नया निर्माण शुरू नहीं हो सका।
इस वजह से ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम, स्कूल, अस्पताल और बाजार आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
1.49 करोड़ की पुलिया योजना अधर में
इस मार्ग पर पुलिया निर्माण के लिए 2024 में 1.49 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली थी। पीएमजीएसवाय के तहत ठेका कंपनी को जनवरी 2025 में वर्क ऑर्डर भी जारी हुआ।
लेकिन फरवरी 2026 में काम शुरू होते ही उदंती अभयारण्य प्रशासन ने एनओसी नहीं लेने का हवाला देकर निर्माण कार्य रुकवा दिया।
एनओसी के चक्कर में फंसा निर्माण कार्य
अभयारण्य क्षेत्र में निर्माण के लिए जरूरी अनुमति (NOC) नहीं ली गई थी। इसी लापरवाही के कारण काम बंद हो गया और अधूरा निर्माण ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन गया।
जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में चक्काजाम
जिला पंचायत सदस्य संजय और लखेश्वरी नेताम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने चक्काजाम किया।
सुबह से शुरू हुआ यह प्रदर्शन शाम तक जारी रहा। प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने के बाद भी शुरुआत में बात नहीं बन सकी।


