सीजी भास्कर 24 अप्रैल
बस्तर जिले में चल रहे ‘ज्ञानभारतम’ पांडुलिपि सर्वे अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से एक अहम खोज सामने आई है। ग्राम पंचायत बेसोली के बोड़नपाल और ग्राम पंचायत कोलचुर में प्राचीन ताड़पत्र पांडुलिपियां मिली हैं। ये पांडुलिपियां लंबे समय से स्थानीय स्तर पर सुरक्षित थीं, जिन्हें अब सर्वे के दौरान चिन्हित किया गया है।
प्राचीन ज्ञान का भंडार, विशेषज्ञ करेंगे विस्तृत जांच
अधिकारियों के मुताबिक, ये पांडुलिपियां काफी पुरानी हैं और इनमें चिकित्सा, ज्योतिष तथा पारंपरिक ज्ञान से जुड़ी जानकारियां दर्ज हैं। शुरुआती जांच में यह संकेत भी मिले हैं कि इनमें स्थानीय परंपराओं और जीवनशैली से जुड़े उल्लेख हो सकते हैं। अब विशेषज्ञों की टीम इनकी गहन जांच करेगी, जिससे इनकी वास्तविक उम्र, भाषा और विषयवस्तु स्पष्ट हो सके।
ग्रामीण इलाकों में छिपे दस्तावेजों की तलाश
सर्वे से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई परिवारों के पास पुराने दस्तावेज सुरक्षित हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में वे सामने नहीं आ पाते। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे दस्तावेजों को खोजकर संरक्षित करना है। बोड़नपाल और कोलचुर में मिली पांडुलिपियां इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही हैं।
सुरक्षा और डिजिटाइजेशन की तैयारी
प्रशासन ने बताया कि इन पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही इन्हें डिजिटल रूप में संरक्षित करने की योजना है, ताकि भविष्य में शोध और अध्ययन के लिए इनका उपयोग किया जा सके।
‘ज्ञानभारतम’ अभियान को मिली नई पहचान
प्रदेश में चल रहे ‘ज्ञानभारतम’ अभियान के तहत विभिन्न जिलों में पुराने दस्तावेज, ग्रंथ और पांडुलिपियों का सर्वे किया जा रहा है। बस्तर में हुई यह खोज इस अभियान के लिए खास महत्व रखती है और उम्मीद जताई जा रही है कि आगे भी ऐसे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सामने आएंगे।


