सीजी भास्कर, 25 अप्रैल : छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर ने विकास की दौड़ में एक ऐसी छलांग लगाई है, जिसने पूरे प्रदेश को चकित कर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जिले ने 50 हजार से अधिक परिवारों के ‘अपना घर’ के सपने को हकीकत में बदलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस खबर (PM Awas Yojna Bilaspur) के अनुसार, राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर जिला प्रशासन ने 50,044 पक्के मकानों का निर्माण पूर्ण कर जरूरतमंदों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का तोहफा दिया है।
डीबीटी से सीधे खातों में पहुंचे 781 करोड़
इस ऐतिहासिक सफलता की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शिता रही है। जिला प्रशासन ने बिचौलियों के आतंक को खत्म करते हुए कुल 781.13 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। इस प्रक्रिया (PM Awas Yojna Bilaspur) ने न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई, बल्कि निर्माण कार्यों में भी अभूतपूर्व तेजी आई। आंकड़ों पर गौर करें तो मस्तूरी विकासखंड 14,973 आवासों के साथ जिले में अव्वल रहा, वहीं बिल्हा, कोटा और तखतपुर ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।
‘रानी मिस्त्री’ और ‘डीलर दीदी’ ने दिखाया नारी शक्ति का दम
बिलासपुर की इस उपलब्धि के पीछे जिले की महिलाओं का पसीना और मेहनत भी शामिल है। योजना के क्रियान्वयन में ‘नारी शक्ति’ को प्रमुखता दी गई, जिसके तहत 113 महिलाओं को ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया। इस नवाचार (PM Awas Yojna Bilaspur) के जरिए महिलाएं न केवल घर बना रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन रही हैं। इसके अलावा 331 महिलाओं ने ‘डीलर दीदी’ बनकर निर्माण सामग्री की सप्लाई संभाली, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए।
छत्तीसगढ़ में दूसरे स्थान पर बिलासपुर
वर्ष 2016-17 से लेकर अब तक बिलासपुर जिले ने कुल 1 लाख 3 हजार 873 आवास पूर्ण कर छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि इस जानकारी (PM Awas Yojna Bilaspur) को पुख्ता करती है कि जिला प्रशासन की मॉनिटरिंग और जनसहभागिता का मॉडल सफल रहा है। ग्राम डारसागर की झांगली बैगा और नेवसा की कैलाशा बाई जैसी हजारों हितग्राही, जो कल तक टूटे-फूटे कच्चे झोपड़ों में रहने को मजबूर थीं, आज पक्के घरों में सुरक्षित महसूस कर रही हैं।
ईंट-सीमेंट नहीं, यह गरीब का सम्मान है
बिलासपुर कलेक्टर ने इस सफलता को जिले के लिए गौरव का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि ये घर केवल ईंट और सीमेंट की संरचनाएं नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के आत्मसम्मान की नींव हैं। जिला पंचायत सीईओ ने भी प्रतिबद्धता दोहराई है कि भविष्य में भी हर पात्र व्यक्ति तक इस लाभ (PM Awas Yojna Bilaspur) को पहुंचाया जाएगा। बिलासपुर का यह ‘होम रन’ अब पूरे छत्तीसगढ़ के लिए ग्रामीण विकास का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।



