सीजी भास्कर, 25 अप्रैल : छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा और पहचान बन चुकी कोसा सिल्क (Chhattisgarh Kosa Silk News) को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्यपाल रमेन डेका ने लोकभवन में राज्य के पारंपरिक कोसा उत्पादों का अवलोकन करते हुए इनके आधुनिकीकरण और बुनकरों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया है। इस खबर (Chhattisgarh Kosa Silk News) के अनुसार, छत्तीसगढ़ की कोसा साड़ियों और वस्त्रों में अब पूर्वोत्तर भारत की कला का संगम भी देखने को मिल सकता है।
कोसा साड़ियों में दिखेगा ‘असम मॉडल’ का जादू
राज्यपाल ने सुझाव दिया है कि छत्तीसगढ़ के बुनकरों को असम के प्रसिद्ध रेशम केंद्रों जैसे सुवालकुची, विजयनगर और डेमाजी के सफल मॉडल का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने वहां के लोकप्रिय डिज़ाइनों को छत्तीसगढ़ के कोसा वस्त्रों में समाहित करने की बात कही। इस नवाचार (Chhattisgarh Kosa Silk News) से न केवल उत्पादों की वैरायटी बढ़ेगी, बल्कि यह बाजार में नई पहचान बनाने में भी मददगार साबित होगा।
आधुनिक तकनीक और किफायती डिज़ाइन पर ज़ोर
राज्यपाल ने तकनीकी विशेषज्ञों को निर्देश दिए कि कोसा साड़ियों और शालों में अब डॉबी और जैकार्ड तकनीक का अधिक उपयोग किया जाए। उन्होंने कोसा को हर आयु वर्ग के लिए किफायती बनाने के लिए एक अनूठा सुझाव दिया। साड़ी की ‘बॉडी’ और ‘बॉर्डर’ को अलग-अलग तैयार कर नई शैली विकसित की जाए। इस प्रक्रिया (Chhattisgarh Kosa Silk News) से लागत में कमी आएगी और आम उपभोक्ताओं के लिए कोसा अधिक सुलभ हो सकेगा।
एक महीने में मांगी प्रगति रिपोर्ट
ग्रामोद्योग विभाग को कड़े निर्देश देते हुए राज्यपाल ने कहा कि आगामी एक माह के भीतर इन सुझावों पर हुई प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की जाए। उन्होंने विभाग को राज्य की किसी एक बुनकर सहकारी समिति को गोद लेने और उसके सर्वांगीण विकास के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए भी कहा। इस पहल (Chhattisgarh Kosa Silk News) का उद्देश्य राज्य के बुनकरों को बिचौलियों से बचाकर सीधे लाभ पहुँचाना है।
आकर्षक मोटिफ और नए धागों का होगा इस्तेमाल
वस्त्रों को अधिक आकर्षक बनाने के लिए एक्रेलिक, स्पन और टू-प्लाई यार्न के साथ विशेष रंगों के उपयोग पर चर्चा की गई। राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक मोटिफ और डिज़ाइन ही अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग को पूरा कर सकते हैं। इस बैठक (Chhattisgarh Kosa Silk News) में ग्रामोद्योग सचिव श्याम धावड़े और हाथकरघा संघ के अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने राज्यपाल को वर्तमान उत्पादन क्षमताओं से अवगत कराया।


