सीजी भास्कर, 25 अप्रैल : आईपीएल के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाने वाला ‘2008 थप्पड़कांड’ (Slapgate) 18 साल बाद एक बार फिर ज्वालामुखी बनकर फटा है। पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने हरभजन सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस नई तल्खी (Sreesanth Harbhajan Slapgate Dispute) ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है, क्योंकि पिछले कुछ समय से दोनों के बीच सब कुछ ठीक होने के दावे किए जा रहे थे।
विज्ञापन और करोड़ों की कमाई पर बवाल
श्रीसंत के गुस्से की मुख्य वजह एक टीवी विज्ञापन बना है। श्रीसंत का दावा है कि हरभजन सिंह ने उसी ‘थप्पड़कांड’ विवाद पर आधारित एक एड शूट किया और उससे करीब ₹80 लाख से ₹1 करोड़ तक की कमाई की। श्रीसंत ने इंटरव्यू में कहा, “हद तो तब हो गई जब भज्जी ने मुझे वही विज्ञापन अपने सोशल मीडिया पर प्रमोट करने के लिए कहा। यह मेरे जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा था।” इस जानकारी (Sreesanth Harbhajan Slapgate Dispute) के बाद श्रीसंत ने कड़ा कदम उठाते हुए हरभजन को इंस्टाग्राम पर ब्लॉक कर दिया है।
“पब्लिक में दोस्ती सिर्फ एक दिखावा”
श्रीसंत ने हरभजन की सार्वजनिक छवि पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि टीवी इंटरव्यू और कमेंट्री बॉक्स में दिखने वाली उनकी दोस्ती महज एक ‘एक्ट’ थी। श्रीसंत के शब्दों में, “मैंने उन्हें हमेशा माफ किया लेकिन कभी भूल नहीं पाया। अगर आप भूल जाते हैं, तो सामने वाला वही गलती दोहराता है। अब मेरा उनसे कोई रिश्ता नहीं है।” यह बयान इस विवाद (Sreesanth Harbhajan Slapgate Dispute) को और भी व्यक्तिगत स्तर पर ले गया है।
ललित मोदी के वीडियो ने डाला घी का काम
हाल ही में पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने 2008 की उस घटना का हाई-डेफिनिशन वीडियो लीक कर दिया था, जिसमें थप्पड़ मारने के बाद श्रीसंत रोते हुए दिखाई दे रहे थे। लगभग दो दशक बाद सामने आए इस फुटेज ने पुरानी यादों को फिर से ताजा कर दिया। हालाँकि हरभजन सिंह कई बार सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं, लेकिन श्रीसंत का तर्क है कि माफी और ‘व्यावसायिक फायदे’ के लिए उसी विवाद का इस्तेमाल करना विरोधाभासी है।
क्या था 2008 का थप्पड़कांड
यह विवाद 2008 के पहले आईपीएल सीजन के दौरान किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस के मैच के बाद शुरू हुआ था। मैदान पर ही हरभजन ने श्रीसंत को थप्पड़ मार दिया था, जिसके बाद भज्जी पर पूरे सीजन का बैन लगा था। उस समय यह टूर्नामेंट की साख पर लगा पहला बड़ा धब्बा था। आज इस खबर (Sreesanth Harbhajan Slapgate Dispute) के दोबारा गर्म होने से यह साफ हो गया है कि मैदान के कुछ विवाद कभी खत्म नहीं होते, बस समय के साथ दब जाते हैं।


