सीजी भास्कर, 26 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के ‘अबूझ’ कहे जाने वाले अबूझमाड़ (Bastar Development News) के जंगलों से आज एक ऐसी खबर आई है जो लोकतंत्र और विकास के संकल्प की जीत को दर्शाती है। नारायणपुर जिला मुख्यालय से महज 30 किलोमीटर दूर, लेकिन दुर्गम पहाड़ों और घने जंगलों के पीछे छिपा ईरपानार गांव अब अंधेरे की बेड़ियों से मुक्त हो गया है। आजादी के दशकों बाद यहां (Bastar Development News) पहली बार बिजली पहुंची है। जब ईरपानार की पहाड़ियों पर पहली बार बिजली का बल्ब जला, तो ग्रामीणों की आंखों में सिर्फ उजाला नहीं, बल्कि अपने बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना भी चमक उठा।
दुर्गम रास्तों और पहाड़ों को चीरकर पहुंची बिजली
ईरपानार तक बिजली पहुंचाना किसी हिमालय फतह करने से कम नहीं था। नारायणपुर संभाग के बिजली विभाग के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के इंजीनियरों और कर्मचारियों ने मिशन मोड में काम करते हुए ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों के बीच पोल गाड़े और तार खींचे। बस्तर विकास समाचार (Bastar Development News) के इस ऐतिहासिक अध्याय को पूरा करने के लिए कई जगहों पर मशीनों ने हाथ खड़े कर दिए थे, वहां विभागीय कर्मचारियों ने कंधे पर बिजली के खंभे ढोकर इस काम को अंजाम दिया।
56.11 लाख की लागत से बदली पीढ़ियों की किस्मत
कलेक्टर नम्रता जैन ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए बताया कि ईरपानार के विद्युतीकरण पर कुल ₹56.11 लाख खर्च किए गए हैं। यह निवेश सिर्फ खंभों और तारों के लिए नहीं, बल्कि यहां (Bastar Development News) की आने वाली पीढ़ियों की किस्मत बदलने के लिए है। कलेक्टर के अनुसार, यह परियोजना शासन की उस सोच का प्रतीक है जिसमें अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी विकास का हक दिया जा रहा है। अब ईरपानार के बच्चों को पढ़ाई के लिए लालटेन पर निर्भर नहीं रहना होगा और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी अब उनके गांव (Bastar Development News) में सुलभ होंगी।
ग्रामीणों की आंखों में खुशी के आंसू
जैसे ही पहली बार बल्ब जला, गांव (Bastar Development News) के बुजुर्ग भावुक हो गए। कई पीढ़ियों ने यह अंधेरा सहा था, लेकिन अब उन्हें स्थायी रोशनी मिल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके जीवनकाल में बिजली यहां (Bastar Development News) पहुंच पाएगी। इस ऐतिहासिक दिन के बाद अब गांव में डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और संचार सुविधाओं के विस्तार का रास्ता भी साफ हो गया है।
नारायणपुर प्रशासन अब ईरपानार की तर्ज पर अबूझमाड़ के अन्य दूरस्थ गांवों को भी प्राथमिकता के आधार पर सड़क, पेयजल और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी में है। यह बस्तर विकास समाचार (Bastar Development News) बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव की एक नई और बुलंद शुरुआत है।


