सीजी भास्कर, 27 अप्रैल। Mangaluru में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 61 वर्षीय व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम में फंसाकर 2.07 करोड़ रुपये ठग लिए गए। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। (₹2 crore duped in digital arrest)
ऐसे शुरू हुआ ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खेल : ₹2 crore duped in digital arrest
मामले की जानकारी के मुताबिक, 31 मार्च को पीड़ित को एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को “नेशनल डेटा प्रोटेक्शन सेंटर” का अधिकारी बताते हुए कहा कि पीड़ित के पहचान पत्र का गलत इस्तेमाल किया गया है।स्कैमर ने दावा किया कि Mumbai में किसी ने उनके नाम से सिम कार्ड खरीदा और उसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में किया गया।
डर का माहौल बनाकर बुना गया जाल
ठगों ने पीड़ित को बताया कि उनके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें धमकी भरे कॉल, अश्लील कंटेंट और नशीले पदार्थों की तस्करी शामिल है।उन्होंने यह भी कहा कि National Investigation Agency (NIA) और Enforcement Directorate (ED) जैसी एजेंसियां जांच करने वाली हैं।इसके बाद लगातार WhatsApp कॉल के जरिए खुद को अधिकारी बताने वाले लोगों ने पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। (₹2 crore duped in digital arrest)
‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर करवाई रकम ट्रांसफर
स्कैमर्स ने पीड़ित को यह विश्वास दिलाया कि वह “डिजिटल अरेस्ट” में है और गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्हें निर्देशों का पालन करना होगा।डर के चलते पीड़ित ने 7 से 18 अप्रैल के बीच RTGS के जरिए अलग-अलग खातों में कुल 2,07,04,600 रुपये ट्रांसफर कर दिए।कई दिनों तक जारी इस मानसिक दबाव ने आखिरकार पीड़ित को आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान पहुंचाया।
ठगी का एहसास होते ही पुलिस में शिकायत : 2 crore duped in digital arrest
जब पैसे ट्रांसफर करने के बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ, तब पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया। मामले की जांच जारी है।
कैसे बचें ऐसे साइबर स्कैम से?
अनजान कॉल पर खुद को सरकारी अधिकारी बताने वालों पर भरोसा न करें I
फोन पर कभी भी अपनी निजी जानकारी साझा न करें I
किसी भी धमकी के चलते पैसे ट्रांसफर न करें I
संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत शिकायत करें I
जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें I


