सीजी भास्कर, 28 अप्रैल : भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों किर्गिस्तान के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। मंगलवार को बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया। राजनाथ सिंह ने बिना नाम लिए पड़ोसी देश पाकिस्तान की सीमाओं से संचालित होने वाले आतंक के अड्डों को कड़ी चेतावनी दी। इस (Rajnath Singh SCO Meeting) के दौरान भारत ने साफ कर दिया कि वह अपनी सुरक्षा और मानवता के दुश्मनों के खिलाफ कोई भी कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
विजय चौक पर दी शहीदों को श्रद्धांजलि
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुँचते ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सबसे पहले विजय चौक का दौरा किया। यहाँ उन्होंने नाजी जर्मनी पर जीत की याद में बने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया। इसके बाद वे मुख्य शिखर सम्मेलन की ओर बढ़े। (Rajnath Singh SCO Meeting) में भारत की भागीदारी वैश्विक सुरक्षा समीकरणों के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है, खासकर मध्य एशिया में बढ़ते सामरिक महत्व के बीच।
पहलगाम हमले का जिक्र और पाकिस्तान की क्लास
रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र कर माहौल को गंभीर कर दिया। उन्होंने कहा, “22 अप्रैल को हमने पहलगाम हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। इस कायराना हरकत ने न केवल एक क्षेत्र को, बल्कि पूरी मानवता को झकझोर दिया है।” (Rajnath Singh SCO Meeting) के मंच से उन्होंने दुनिया को याद दिलाया कि भारत अब केवल रक्षात्मक नहीं है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि आतंकवाद को पालने वाले केंद्र अब सही सजा से बच नहीं सकते।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत का पक्का इरादा
सत्र के दौरान रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हवाला देते हुए भारत की सैन्य शक्ति और राजनीतिक इच्छाशक्ति का लोहा मनवाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है। (Rajnath Singh SCO Meeting) में उन्होंने सदस्य देशों को स्पष्ट संदेश दिया कि जो देश आतंकवाद को राजकीय नीति के रूप में इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
बेलारूस के साथ द्विपक्षीय वार्ता
बहुपक्षीय बैठक के इतर राजनाथ सिंह ने बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय (Bilateral) बैठक की। दोनों नेताओं के बीच सैन्य सहयोग, रक्षा तकनीक साझा करने और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई। (Rajnath Singh SCO Meeting) के इस दौरे ने मध्य एशियाई देशों और उनके सहयोगियों के साथ भारत के रक्षा संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान की है।
SCO मंच पर भारत की बढ़ती धमक
शंघाई सहयोग संगठन में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। राजनाथ सिंह ने इस मंच का उपयोग न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों को उठाने के लिए किया, बल्कि दुनिया के सामने भारत का पक्ष भी मजबूती से रखा। (Rajnath Singh SCO Meeting) में दिए गए उनके भाषण को आतंकवाद के खिलाफ एक ‘ग्लोबल वार क्राई’ के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि SCO के सदस्य देशों को मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जहाँ आतंक के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ हो।


