सीजी भास्कर, 1 मई I भुवनेश्वर से आई इस खबर ने पर्यटन से जुड़े लोगों को चौंका दिया है। जो लोग इस समय घूमने की योजना बना रहे थे, उनके बीच अचानक यह चर्चा तेज (Bhitarkanika National Park) हो गई कि आखिर पार्क को एकदम से क्यों बंद कर दिया गया। कई पर्यटक जानकारी जुटाते नजर आए कि क्या यह फैसला अस्थायी है या इसके पीछे कोई खास वजह है।
वहीं स्थानीय स्तर पर भी इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोग इसे जरूरी कदम बता रहे हैं, तो कुछ के लिए यह पर्यटन सीजन के बीच आई रुकावट जैसा है। हालांकि वन विभाग के इस निर्णय के पीछे एक अहम कारण बताया जा रहा है, जिसे समझना जरूरी है।
तीन महीने के लिए लगाया गया प्रतिबंध (Bhitarkanika National Park)
इसी क्रम में भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान को 1 मई से 31 जुलाई तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। इस दौरान किसी भी व्यक्ति को मुख्य प्रवेश द्वारों से अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही आसपास के अभयारण्य क्षेत्र में भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि पूरे इलाके में सुरक्षा बनी रहे।
मगरमच्छों के प्रजनन का समय
दरअसल यह फैसला मगरमच्छों के प्रजनन और घोंसला बनाने के मौसम को ध्यान में रखते हुए लिया (Bhitarkanika National Park) गया है। इस दौरान ये जीव बेहद संवेदनशील हो जाते हैं और किसी भी तरह की हलचल उनके लिए परेशानी का कारण बन सकती है। वन विभाग का मानना है कि अगर इस समय मानव गतिविधि जारी रहती है तो उनके प्रजनन पर असर पड़ सकता है।
बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
प्रजनन स्थलों की सुरक्षा को देखते हुए पूरे क्षेत्र में निगरानी कड़ी कर दी गई है। खासकर उन इलाकों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है जहां मगरमच्छ अंडे देते हैं और घोंसले बनाते हैं। इस दौरान बाहरी हस्तक्षेप को पूरी तरह रोकने की कोशिश की जा रही है।
बड़ी संख्या में मौजूद हैं मगरमच्छ
यह इलाका देश में खारे पानी के मगरमच्छों की बड़ी आबादी के लिए जाना (Bhitarkanika National Park) जाता है। यहां इनकी संख्या काफी अधिक बताई जाती है, जिससे यह क्षेत्र संरक्षण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बन जाता है। इसी वजह से हर साल इस तरह का कदम उठाया जाता है ताकि इन जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कब फिर खुलेगा पार्क
वन विभाग के अनुसार यह बंदी तय अवधि के लिए है और 1 अगस्त से पार्क को फिर से पर्यटकों के लिए खोले जाने की उम्मीद है। इसके बाद लोग फिर से यहां घूमने आ सकेंगे।


