सीजी भास्कर, 1 मई I नगर पालिका खैरागढ़ में 35 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई फायर ब्रिगेड वाहन के वर्षों से लापता होने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि वाहन का कोई पता नहीं है, वहीं उससे जुड़ी खरीद फाइल भी गायब बताई जा रही है। (Fire brigade worth Rs 35 lakh missing)
इस पूरे मामले ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, अविभाजित राजनांदगांव जिले के समय गौण खनिज मद से नगर पालिका को दो किश्तों में करीब 35 लाख रुपये जारी किए गए थे। पहली किश्त में 13.13 लाख रुपये से वाहन का चेसिस खरीदा गया, जबकि दूसरी किश्त में 21 लाख रुपये से अधिक खर्च कर फायर ब्रिगेड को तैयार किया गया। अक्टूबर 2020 में यह वाहन नगर पालिका को सौंपा गया था।
कुछ समय तक उपयोग में रहने के बाद वाहन अमलीडीह के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसके बाद उसे मरम्मत के लिए भेजा गया। इसके बाद से वाहन वापस नहीं लाया गया और आज तक उसका कोई स्पष्ट पता नहीं है।
बीमा क्लेम के बाद भी नहीं हुई वापसी : Fire brigade worth Rs 35 lakh missing
बताया जा रहा है कि नगर पालिका ने वर्ष 2023 में बीमा कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में दावा दायर किया था, जिसमें करीब 8 लाख रुपये का सेटलमेंट भी हुआ। इसके बावजूद वाहन को वापस लाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई।
सूत्रों के अनुसार, जिस गैरेज में वाहन खड़ा है, उसका किराया करीब 7 लाख रुपये तक पहुंच चुका है, जिससे मामले में लापरवाही और बढ़ती नजर आ रही है।
प्रशासन ने मांगी जानकारी
इस मामले पर खैरागढ़ एडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने बताया कि सीएमओ से जवाब-तलब कर पूरे मामले की जांच की जाएगी।
फायर ब्रिगेड जैसी जरूरी सेवा का वर्षों तक उपयोग से बाहर रहना और जिम्मेदार अधिकारियों के पास स्पष्ट जवाब न होना, कई सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और लापता वाहन की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।


