सीजी भास्कर, 1 मई I खैरागढ़ में इन दिनों एक अजीब मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना (Fire Brigade Missing) हुआ है। शहर में लोग हैरान हैं कि आखिर जनता की सुरक्षा के लिए खरीदी गई फायर ब्रिगेड गाड़ी अचानक कैसे गायब हो गई। चाय चौक-चौराहों पर यही सवाल उठ रहा है कि जब गाड़ी ही नहीं है, तो जरूरत के समय भरोसा किस पर किया जाए। (Fire Brigade Missing)
दूसरी तरफ मामला और गंभीर तब हो गया जब यह बात सामने आई कि गाड़ी से जुड़ी फाइल भी गायब बताई जा रही है। लोगों के बीच नाराजगी दिख रही है और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर इतने बड़े मामले में अब तक स्पष्ट जवाब क्यों नहीं मिला।
किस तरह खरीदी गई थी गाड़ी : Fire Brigade Missing
जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका को गौण खनिज मद से दो किस्तों में करीब 35 लाख रुपये दिए गए थे। पहली किस्त से गाड़ी का ढांचा खरीदा गया और दूसरी किस्त से उसे पूरी तरह तैयार कराया गया। अक्टूबर 2020 में यह फायर ब्रिगेड नगर पालिका को सौंप दी गई थी और कुछ समय तक इसका उपयोग भी हुआ।
दुर्घटना के बाद से लापता
बताया जा रहा है कि कुछ महीनों बाद यह वाहन अमलीडीह के पास दुर्घटनाग्रस्त (Fire Brigade Missing) हो गया। इसके बाद उसे मरम्मत के लिए भेजा गया, लेकिन उसके बाद से यह गाड़ी वापस नहीं आई। यही वह बिंदु है जहां से पूरा मामला उलझता चला गया और अब तक इसकी स्थिति साफ नहीं हो पाई है।
बीमा क्लेम के बाद भी नहीं लौटी गाड़ी
मामले में नगर पालिका ने बीमा कंपनी के खिलाफ दावा भी दायर किया था और करीब 8 लाख रुपये का सेटलमेंट भी किया गया। इसके बावजूद वाहन को वापस लाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बताया जा रहा है कि जिस जगह गाड़ी खड़ी है, वहां का किराया भी लगातार बढ़ता गया और अब यह लाखों में पहुंच चुका है।
प्रशासन ने मांगी जानकारी
इस पूरे मामले पर प्रशासनिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया सामने (Fire Brigade Missing) आई है। संबंधित अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी मिली है और अब जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
Fire Brigade Missing : जनता के बीच बढ़ी चिंता
फायर ब्रिगेड जैसी जरूरी सुविधा का इस तरह वर्षों तक इस्तेमाल से बाहर रहना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। सवाल यही उठ रहा है कि जब जरूरत पड़ेगी तो शहर की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और लापता वाहन की सच्चाई कब सामने आती है।


