सीजी भास्कर, 03 मई : डिजिटल जनगणना (Unique Location Code) की दिशा में सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस बार हर मकान को एक यूनिक लोकेशन कोड दिया जाएगा, जिससे हर घर की सटीक पहचान संभव हो सकेगी। यह पहचान अक्षांश और देशांतर के आधार पर दर्ज की जाएगी, जिससे देशभर में डिजिटल रिकॉर्डिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।
इस नई व्यवस्था के तहत जनगणना (Unique Location Code) कर्मचारियों द्वारा एक विशेष मोबाइल एप के माध्यम से हर मकान की लोकेशन दर्ज की जाएगी। इसमें गली, मोहल्ला, सड़क और आसपास के क्षेत्र की सटीक जानकारी शामिल होगी। इससे किसी भी घर या स्थान तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
इस प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ आपातकालीन सेवाओं को मिलेगा। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी सेवाएं अब बिना किसी भ्रम के सीधे सही स्थान तक पहुंच सकेंगी। इससे समय की बचत होगी और कई मामलों में जीवन बचाने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं को भी इससे बड़ा फायदा होगा, क्योंकि सटीक लोकेशन के कारण डिलीवरी अधिक तेज और सही समय पर हो सकेगी।
भविष्य में इस व्यवस्था को ड्रोन आधारित डिलीवरी सिस्टम से भी जोड़ा जा सकता है, जिससे सेवाएं और अधिक आधुनिक हो जाएंगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि तकनीक आधारित सेवाओं का दायरा भी बढ़ेगा।
यूनिक लोकेशन कोड प्रणाली से सरकार को हर क्षेत्र का सटीक डेटा प्राप्त होगा। इससे विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा और संसाधनों का सही वितरण संभव होगा। नगर निगम सेवाओं जैसे कचरा संग्रहण, जल आपूर्ति और अन्य सुविधाओं की निगरानी भी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
इस नई पहल से प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम जनता को मिलने वाली सेवाएं अधिक तेज और सटीक होंगी। यह कदम डिजिटल भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है, जो आने वाले समय में सरकारी सेवाओं को पूरी तरह बदल सकता है।


