सीजी भास्कर, 03 मई : कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक घटना (IED Blast Kanker Narayanpur) ने पूरे बस्तर अंचल को झकझोर दिया। छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली जिला रिजर्व गार्ड की टीम उस समय बड़े हादसे का शिकार हो गई, जब नक्सलियों द्वारा लगाए गए विस्फोटक में अचानक धमाका हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों (IED Blast Kanker Narayanpur) की टीम क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान जवानों को संदिग्ध विस्फोटक सामग्री दिखाई दी। उसे निष्क्रिय करने का प्रयास किया जा रहा था, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया।
इस हादसे में निरीक्षक सुखराम वट्टी, आरक्षक कृष्णा कोमरा और आरक्षक संजय गढ़पाले मौके पर ही शहीद हो गए। वहीं गंभीर रूप से घायल आरक्षक परमानंद कोर्राम को इलाज के लिए रायपुर ले जाया गया, जहां उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त बलों को मौके पर तैनात किया गया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं, ताकि नक्सलियों की गतिविधियों पर नियंत्रण पाया जा सके।
रविवार को नारायणपुर पुलिस लाइन में चारों शहीद जवानों (IED Blast Kanker Narayanpur) को अंतिम विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को राजकीय सम्मान के साथ लाया गया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी गई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और अधिकारी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
इस घटना के बाद पूरे बस्तर क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। शहीद जवानों की बहादुरी और बलिदान ने हर नागरिक के मन में गहरा सम्मान पैदा किया है। लोगों ने एकजुट होकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस हमले के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और सुरक्षा बल पूरी मजबूती के साथ जवाब देंगे। यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि देश की सुरक्षा में लगे जवान किस तरह अपने प्राणों की आहुति देकर भी कर्तव्य का निर्वहन करते हैं।


