सीजी भास्कर, 03 मई : भारत की आगामी जनगणना 2027 को लेकर शासन-प्रशासन (Teacher Suspension News Jashpur) पूरी तरह मुस्तैद है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करने के संकेत देते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। जशपुर जिले के विकासखंड दुलदुला के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक शाला सरहापानी (पतराटोली) में पदस्थ सहायक शिक्षक सत्यजीत निराला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले ने विभाग के अन्य कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
तीन दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण से थे अनुपस्थित
भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण, जिसमें ‘भवन क्रमांकन एवं मकान सूचीकरण’ का कार्य होना है, के सुचारू संचालन के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया था। यह प्रशिक्षण 15 से 17 अप्रैल 2026 तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुलदुला में आयोजित किया गया था। इस अनुपस्थिति (Teacher Suspension News Jashpur) के पीछे मुख्य कारण शिक्षक का बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण से नदारद रहना बताया जा रहा है।
नोटिस का जवाब न देना पड़ा भारी
तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी (ग्रामीण) दुलदुला के प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन ने इस लापरवाही को गंभीर माना। श्री निराला को 19 अप्रैल 2026 को पहला ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया। जब उन्होंने इसका कोई उत्तर नहीं दिया, तो जिला स्तर से 21 अप्रैल को पुनः नोटिस जारी किया गया। इस कार्रवाई (Teacher Suspension News Jashpur) की गंभीरता तब और बढ़ गई जब संबंधित शिक्षक ने दूसरे नोटिस का भी कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया।
नियमों के उल्लंघन पर गिरी गाज
जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि सहायक शिक्षक ने जनगणना जैसे संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व के कार्य में गंभीर लापरवाही बरती है। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 एवं 7 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस निलंबन (Teacher Suspension News Jashpur) की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया गया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना के चलते छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 के तहत यह कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि और मुख्यालय
निलंबन आदेश जारी होने के साथ ही सत्यजीत निराला का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, दुलदुला निर्धारित किया गया है। इस आदेश (Teacher Suspension News Jashpur) के बाद अब विभाग के अन्य कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालने या लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा। इस प्रकरण को एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है ताकि भविष्य में राष्ट्रीय कार्यों में अनुशासन बना रहे। जिस प्रकार इस घटना में त्वरित एक्शन लिया गया है, उससे साफ है कि प्रशासन अब ड्यूटी में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं करेगा। इस खबर की चर्चा अब पूरे जिले के शिक्षा जगत में हो रही है।


