सीजी भास्कर, 3 मई। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा मोड़ देखने (Russia Ukraine) को मिला है, जहां अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जर्मनी से अमेरिकी सैनिकों की वापसी का फैसला लेकर यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। इस फैसले को रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसने नाटो देशों के बीच भी हलचल बढ़ा दी है।
सिर्फ 5 हजार नहीं, और भी हो सकती है कटौती (Russia Ukraine)
डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि जर्मनी से केवल 5 हजार सैनिकों की वापसी ही नहीं, बल्कि इससे भी बड़ी संख्या में कटौती की जा सकती है। पेंटागन के मुताबिक, फिलहाल पहले चरण में करीब 5 हजार सैनिकों को वापस बुलाया जाएगा, लेकिन आगे इस संख्या में और इजाफा हो सकता है।
यूरोप को खुद संभालनी होगी सुरक्षा (Russia Ukraine)
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने कहा कि यह कदम पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं है और अब यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद ज्यादा उठानी होगी। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी दोनों पक्षों के हित में रही है।
जर्मनी में तैनात हैं हजारों सैनिक
वर्तमान में जर्मनी में करीब 36 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और 5 हजार सैनिकों की वापसी कुल संख्या का बड़ा हिस्सा मानी जा रही है। यह प्रक्रिया अगले 6 से 12 महीनों में पूरी होने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन पर असर पड़ सकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका ने यूरोप में अपनी सैन्य मौजूदगी (Russia Ukraine) बढ़ाई थी, लेकिन अब सैनिकों की वापसी का फैसला सुरक्षा समीकरण को बदल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे नाटो की रणनीति और यूरोप की सुरक्षा नीति पर दूरगामी असर पड़ सकता है।


