सीजी भास्कर, 3 मई। वैश्विक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया संकट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने अप्रैल में जबरदस्त वापसी (Stock Market) करते हुए निवेशकों को चौंका दिया है। मार्च में भारी गिरावट झेलने के बाद बाजार ने तेजी पकड़ ली और दोनों प्रमुख सूचकांकों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई।
सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल
BSE Sensex अप्रैल के दौरान करीब 4,965 अंक चढ़कर 76,913 के स्तर पर पहुंच गया, जो लगभग 6.9 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। वहीं Nifty 50 में भी 1,666 अंकों की तेजी आई और यह 23,997 के स्तर पर पहुंच गया, यानी करीब 7.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
छोटी कंपनियों ने दिखाया दम (Stock Market)
अप्रैल में सबसे ज्यादा तेजी स्मॉलकैप और माइक्रोकैप शेयरों में देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, स्मॉलकैप इंडेक्स 250 ने 13.4 प्रतिशत और माइक्रोकैप 250 ने 16.2 प्रतिशत का रिटर्न दिया। इसके अलावा मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए दो अंकों की बढ़त हासिल की।
अनिश्चितता के बावजूद क्यों बढ़ा बाजार (Stock Market)
विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद बाजार में तेजी देखने को मिली। यह तेजी कंपनियों के बुनियादी प्रदर्शन से ज्यादा वैल्यूएशन में बदलाव और निवेशकों के भरोसे की वजह से आई है।
विदेशी निवेशकों की निकासी जारी
हालांकि इस तेजी के बीच एक चिंता की बात भी सामने आई है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने अप्रैल में भारतीय बाजार से 60,847 करोड़ रुपये निकाल (Stock Market) लिए हैं। साल 2026 में अब तक कुल निकासी करीब 1.91 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो बाजार के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
मार्च की गिरावट के बाद मजबूत वापसी
गौरतलब है कि मार्च 2026 में बाजार में 11 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई थी, जो पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट में से एक थी। ऐसे में अप्रैल की तेजी ने निवेशकों को राहत जरूर दी है, लेकिन आगे का रुख वैश्विक हालात और निवेशकों के मूड पर निर्भर करेगा।


