गरियाबंद जिले में तेंदूपत्ता खरीदी व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने विभिन्न संग्रहण केंद्रों (फड़ों) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पूरी व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तेंदूपत्ता खरीदी की प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण और फड़ों पर रखे जा रहे दस्तावेजों की जांच की। इसके साथ ही तौल व्यवस्था, भंडारण की स्थिति और संग्राहकों को किए जा रहे भुगतान की प्रक्रिया का भी परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि हर स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न हो।
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संग्राहकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना अनिवार्य बताया गया। साथ ही तेंदूपत्ता की गुणवत्ता बनाए रखने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि फड़ों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि संग्राहकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
संग्राहकों को भी जागरूक करते हुए अधिकारियों ने उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार ही तेंदूपत्ता जमा करने के निर्देश दिए। यदि कहीं किसी प्रकार की गड़बड़ी या समस्या सामने आती है तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करने को कहा गया।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य तेंदूपत्ता खरीदी को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और संग्राहक हितैषी बनाना है। लगातार निरीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो और संग्राहकों को उनकी मेहनत का उचित लाभ समय पर मिल सके।


